Chhattisgarh ACB EOW raids mining businessmen : छत्तीसगढ़ में आयोग भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने खनन कारोबार और संबंधित घोटालों के आरोपों की जांच के तहत रायपुर, धमतरी, और राजनांदगांव में संयुक्त रूप से छापेमारी की है। 10 वाहनों सहित बड़ी टीम इन जिलों में खनन और खनिज विभाग से जुड़े चार्जशीट मामलों की गहन जांच कर रही है।
जांच और DMF घोटाला
यह कार्रवाई जिला खनिज अधिकारिता निधि (DMF) घोटाले की जांच के तहत की गई है, जिसमें खनन उद्योग से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं। DMF का उपयोग प्रभावित इलाकों के विकास और पुनर्वास के लिए किया जाना चाहिए था, लेकिन जांच में इसमें भ्रष्टाचार और धन का अपव्यय पाया गया है।
रेड के दौरान की गई कार्रवाई और दस्तावेज जब्त
टीम ने इस छापेमारी में कई महत्वपूर्ण कागजात और डिजिटल सबूत जब्त किए हैं। प्रशासन की टीम खनन कारोबारियों के घरों, ऑफिसों, और अन्य ठिकानों पर पहुंची जहां से जांच के लिए जरूरी रिकॉर्ड जैसे वित्तीय बहीखाते, अनुबंध, और बैंकिंग संबंधी दस्तावेज उठाए गए। इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे कंप्यूटर और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए, जो आगे की जांच में अहम साबित होंगे।
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प्रभावित जिलों में जांच
रायपुर: टीम ने रायपुर के विभिन्न हिस्सों में खनन से संबंधित कारोबारियों और संबंधित अधिकारियों के घरों पर छापेमारी की। शहर की प्रमुख स्थानों में टीम ने दस्तावेजों की जांच की।
धमतरी: प्रशासन ने धमतरी के खनन संचालन और संबंधित व्यापारों के ठिकानों की पड़ताल की।
राजनांदगांव: यहां सराफा व्यापारियों और खनन अधिवासियों के कार्यस्थलों पर दबिश दी गई, जहां नकदी और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री की तलाशी ली गई।
जांच से जुड़े अन्य पहलू
प्राप्त जानकारी के अनुसार, DMF घोटाले के आरोप में कई अधिकारियों और खनन कारोबारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जिला प्रशासन और जांच एजेंसियां मिलकर मामले को खत्म करने की दिशा में कदम उठा रही हैं जिससे खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित की जा सके।
यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में खनन कारोबार में भ्रष्टाचार से निपटने और DMF फंड के दुरुपयोग को रोकने के लिए महत्वपूर्ण कदम है। आगे भी जांच जारी है और आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
