cheetah reintroduction mp 2025: भारत में 1952 में चीतों को विलुप्त घोषित कर दिया गया था। लेकिन 70 साल बाद 2022 में नामीबिया से 8 चीते और 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाकर मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में छोड़े गए। अब सरकार चीता पुनर्वास के दूसरे चरण में पहुंच चुकी है।
cheetah reintroduction mp 2025: नामीबिया और बोत्सवाना से आएंगे 8 चीते
केंद्र सरकार कूनो के बाद मध्य प्रदेश के दूसरे जंगलों में भी चीते की टेरिटरी बढ़ाने जा रही है. इसके लिए गांधी सागर अभयारण्य को चुना गया है. यहां नामीबिया से 4 और दक्षिणी अफ्रीका के बोत्सवाना से 4 चीते लाएं जाएंगे. केंद्र सरकार से मिले इनपुट के आधार पर वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि साल के आखिर तक गांधी सागर अभयारण्य में चीते दस्तक दे सकते हैं. इससे पहले दक्षिण अफ्रीका और केन्या से आई टीम ने गांधी सागर अभयारण्य में व्यवस्थाओं का जायजा लिया है.
cheetah reintroduction mp 2025: गांधी सागर अभयारण्य बना अगला ठिकाना
वाइल्ड लाइफ पीसीसीएफ शुभरंजन सेन ने बताया, ”बोत्सवाना और नामीबिया से आने वाले चीतों के लिए गांधी सागर अभयारण्य तैयार है. अभयारण्य में 6400 हेक्टेयर में चीतों के लिए बड़े बाड़े बनाए गए हैं. इनमें आठ क्वारंटाइन बाड़े भी हैं, जहां शुरुआत में आठ चीतों को क्वारंटाइन रखा जाएगा. केन्या और दक्षिण अफ्रीका से आई विशेषज्ञों की टीम ने अभयारण्य में बाड़े, क्वारंटाइन बाड़ों, हाईमास्ट कैमरा, जलस्रोत मॉनिटरिंग के लिए बनाए गए स्थल और उपचार केंद्र सहित सभी तैयारी देखी है.वाइल्ड लाइफ पीसीसीएफ ने बताया कि गांधीसागर अभयारण्य बड़े घास के मैदान, पानी की पर्याप्त उपलब्धता और प्राकृतिक गुफायों की वजह से चीतों के लिए मुफीद है.
चिताओं के लिए 6400 हेक्टेयर में बनी सुरक्षित टेरिटरी
वन अधिकारियों ने बताया कि गांधी सागर अभयारण्य में चीतों के शिकार की व्यवस्था भी की जा रही है. चूंकि चीता बड़े जानवरों का शिकार नहीं करता, इसलिए इनके लिए हिरण, खरगोश, जंगली कुत्ते और अन्य छोटे जानवरों को लाया जा रहा है. यहां 1250 हिरण-चीतल लाने हैं और जिनमें 434 पहुंच चुके हैं. अधिकारियों ने बताया कि गांधी सागर के साथ वन विहार, नरसिंहगढ़ सेंचुरी और कान्हा टाइगर रिजर्व समेत अन्य स्थानों से हिरण और चीतल पकड़कर गांधी सागर में छोड़ने के लिए अफ्रीकी वाइल्ड लाइफ एंड साल्यूशन कंपनी से अनुबंध किया गया है.
cheetah reintroduction mp 2025: अभी मध्यप्रदेश में 27 चीते
मध्य प्रदेश में साल 2022 में नामीबिया से 8 और 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए थे. लेकिन इन 20 में से 9 शावकों की मृत्यु हो चुकी है. जबकि मध्य प्रदेश में 26 चीता शावकों का जन्म हुआ, इससे इनकी संख्या 37 तक पहुंची लेकिन इनमें भी 10 शावकों की मृत्यु हो चुकी है. ऐसे में मध्य प्रदेश में अभी 27 चीते हैं. इनमें 15 चीते खुले जंगलों में विचरण कर रहे हैं. जबकि 3 चीतों को गांधी सागर अभयारण्य में छोड़ा गया है. विश्व में चीतों के जीवित रहने की दर करीब 40 प्रतिशत है, जबकि मध्य प्रदेश में यह दर 61 प्रतिशत है.
cheetah reintroduction mp 2025: मध्यप्रदेश में चीतों का सफर
भारत में 70 साल बाद मध्यप्रदेश के कूनों में 17 सितंबर 2022 को चीतों की वापसी हुई.
पीएम मोदी ने नामीबिया से लाए गए 5 मादा और 3 नर चीतों को यहां छोड़ा.
फरवरी 2023 में द. अफ्रीका से 12 चीतों की नई खेप लाई गई.
मध्यप्रदेश में वयस्क और शावक मिलाकर कुल 27 चीते बचे हैं.
अब गांधी सागर उद्यान में बोत्साना और नामीबिया से 8 चीते लाने की तैयारी है.
इसके बाद केन्या से चीते लाए जाएंगे.
