गर्दन पर गोली और सन्नाटा: यूनिवर्सिटी प्रोग्राम में गोली मारी

जब बोलते-बोलते थम गई आवाज़: चार्ली कर्क की मंच पर हत्या
कभी सोचा है, कोई इंसान मंच पर खड़ा हो, भीड़ उसकी बातों को गौर से सुन रही हो, और अचानक एक गोली चलती है… और सबकुछ थम जाता है?
ऐसा ही हुआ अमेरिका के यूटा में, जब ट्रम्प समर्थक और कंज़र्वेटिव नेता चार्ली कर्क को एक यूनिवर्सिटी कार्यक्रम के दौरान गोली मार दी गई। वो भी लाइव ऑडियंस के सामने, माइक हाथ में लिए।
चार्ली उस वक्त छात्रों से बात कर रहे थे। ‘The American Comeback Tour’ नाम का यह इवेंट यूटा वैली यूनिवर्सिटी में हो रहा था माहौल अच्छा था, युवा जोश में थे, और चार्ली हमेशा की तरह अपनी राजनीति और विचारधारा पर खरी-खरी बात कर रहे थे।
लेकिन तभी… एक गोली चलती है। गर्दन के पास लगती है, और सबकुछ बदल जाता है। वहां मौजूद हर शख्स सन्न रह गया। कोई चीखा, कोई भागा, किसी को यकीन ही नहीं हुआ कि ऐसा हो भी सकता है।
हमलावर कौन था? अब तक अनसुलझा सवाल
घटना के बाद यूटा पुलिस, FBI और फेडरल एजेंसियां एक्टिव हो गईं। हमलावर कौन था? क्यों मारा? कोई पूर्व योजना थी या नफरत का पागलपन? ये सवाल आज भी हवा में तैर रहे हैं।
अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जांच चल रही है, पर साफ है कि मामला सिर्फ एक हत्या का नहीं, बल्कि एक विचारधारा पर हमले का है।

चार्ली का जुर्म सिर्फ इतना था कि वो अपने विचार खुलकर रखते थे। कई लोग उनसे असहमत होते, बहस करते, ट्रोल करते। लेकिन गोली?
क्या अब बहस का जवाब गोली होगी?
ट्रम्प बोले – वो मेरा छोटा भाई था
घटना के बाद पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने लिखा,
चार्ली को मैं बेटे की तरह मानता था। वो अमेरिका के लिए खड़ा हुआ, और गिरा भी उसी जमीन पर।
ट्रम्प ने अमेरिका भर में झंडे आधे झुकाने का आदेश दिया। सोशल मीडिया पर हजारों लोग श्रद्धांजलि दे रहे हैं लेकिन उनके माता-पिता, पत्नी और टीम के लिए ये सिर्फ एक राजनीतिक घटना नहीं एक अपूरणीय निजी क्षति है।
ये घटना क्यों मायने रखती है?
चार्ली कर्क की हत्या बताती है कि अब मंच भी सुरक्षित नहीं रहे। विचारधारा की असहमति अब गोली तक पहुँच गई है। यह घटना एक बड़ा सवाल छोड़ती है क्या हम सुनने की ताकत खो चुके हैं? क्या अब किसी से असहमत होना उसे खत्म करने का लाइसेंस बन गया है?
Watch Now :- US ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया
Read:-मोहन भागवत 75 के हुए, PM मोदी बोले- सौभाग्य है कि भागवत जैसा सर संघचालक
