Char dham yatra security 2025 : ऑपरेशन सिंदूर के बाद देशभर में अलर्ट, चारधाम पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
Char dham yatra security 2025 : चारधाम यात्रा 2025 के तहत उत्तराखंड के गंगोत्री और यमुनोत्री धामों पर सरकार ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद चारधाम मार्ग पर भी हाई अलर्ट जारी है।
गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे संवेदनशील तीर्थ स्थलों पर अब पैरामिलिट्री फोर्स और एटीएस (ATS) की तैनाती की गई है, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा न केवल श्रद्धापूर्ण बल्कि सुरक्षित भी रहे।
🔍 क्या हैं प्रमुख सुरक्षा कदम?
-
ITBP की तैनाती –
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की 3 प्लाटून को गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा मार्गों पर तैनात किया गया है।-
गंगोत्री रूट पर 2 प्लाटून
-
यमुनोत्री रूट पर 1 प्लाटून
-
-
ATS की मौजूदगी –
उत्तराखंड पुलिस के आतंकवाद विरोधी दस्ते पहले से ही धामों में तैनात हैं।
वे संदिग्ध गतिविधियों और व्यक्तियों पर पैनी नजर रख रहे हैं। -
बैरियर चेकिंग और सत्यापन
-
उत्तरकाशी जिले के प्रवेश बिंदुओं पर ITBP और पुलिस द्वारा वाहनों की गहन जांच
-
बाहरी मजदूरों और व्यक्तियों का पहचान सत्यापन
-
CCTV और ड्रोन से निगरानी बढ़ाई गई है।
-
-
यात्रा SOPs का सख्ती से पालन
-
रात्रि 8 बजे के बाद वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित
-
तड़के 4 बजे से पैदल यात्रा की अनुमति
-
मंदिरों में देर रात प्रवेश वर्जित
-
आपात संपर्क: 112 / 941051513 / 7455939993
-
🏗️ इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा में ₹27.20 करोड़ का निवेश
धार्मिक स्थलों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने गंगोत्री और यमुनोत्री के लिए ₹27.20 करोड़ की सुरक्षा परियोजनाएं स्वीकृत की हैं, जिनमें शामिल हैं:
-
गंगा और यमुना किनारे बाढ़ नियंत्रण उपाय
-
मंदिरों और आश्रमों की रक्षा के लिए सुरक्षात्मक निर्माण कार्य
📌 क्यों जरूरी है इतनी कड़ी सुरक्षा?
-
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान समर्थित आतंकी गतिविधियों की आशंका बढ़ी है।
-
चारधाम यात्रा में लाखों श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं—2025 में अब तक 14 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
-
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।
चारधाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार पूरी तरह सतर्क है। केंद्र और राज्य की एजेंसियों के तालमेल से तीर्थयात्रियों को पूरी सुरक्षा देने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं से अपील है कि वे सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में दिए गए हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।
