Chandigarh Colonel Digital Arrest : जानिए कैसे हुई पूरी ठगी!
Chandigarh Colonel Digital Arrest : चंडीगढ़ में एक बहुत ही हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक कर्नल और उनकी पत्नी को ठगों ने सिर्फ डिजिटल अरेस्ट के जरिए नहीं, बल्कि एक सटीक योजना से 3.41 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। यह मामला कर्नल दिलीप सिंह बाजवा और उनकी पत्नी रनविंदर कौर बाजवा के साथ हुआ, जो चंडीगढ़ के सेक्टर 2 में रहते हैं।
18 मार्च को आया पहली बार कॉल
18 मार्च, 2025 को कर्नल दिलीप सिंह बाजवा और उनकी पत्नी को एक इंटरनेशनल नंबर से एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने दंपति से पूछा, “क्या आप नरेश गोयल को जानते हैं?” इस पर दंपति ने उत्तर दिया, “हम नहीं जानते।” इसके बाद कॉल करने वाले ने कहा, “नरेश गोयल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद है। उसके घर से 247 एटीएम कार्ड मिले हैं, जिसमें से एक कार्ड पर आपका नाम है, और उसमें 20 लाख रुपये आए हैं। कुल 2 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। यह देश से जुड़ा मामला है। आपको अरेस्ट किया जा सकता है।”
ठगों ने कैसे किया विश्वास हासिल
यह कॉल सुनकर कर्नल और उनकी पत्नी परेशान हो गए। कॉल करने वाले ने उन्हें समझाया कि उनके खिलाफ गंभीर आरोप हैं और उन्हें तुरंत इस मामले का हल निकालने की जरूरत है। इस दौरान ठगों ने उन्हें यह भरोसा दिलाने की कोशिश की कि यह मामला कानून और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू हो सकती है। इसके बाद ठगों ने कर्नल को उनके बैंक खातों और अन्य व्यक्तिगत जानकारी को अपडेट करने के लिए कहा। कर्नल ने उस कॉल पर विश्वास करते हुए अपनी जानकारी दी।
डिजिटल अरेस्ट और उसके बाद की ठगी
कर्नल दिलीप सिंह बाजवा और उनकी पत्नी से ठगों ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर उनके बैंक खाते से कुछ दिनों तक लेन देन की निगरानी रखवाई। इसके साथ ही ठगों ने उन्हें डराया धमकाया कि अगर वे सहयोग नहीं करेंगे, तो उनके खिलाफ और भी गंभीर कदम उठाए जा सकते हैं। कर्नल के अनुसार, ठगों ने उन्हें यह भी बताया कि उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ किया गया है और उनकी ऑनलाइन बैंकिंग और वित्तीय गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
इसके बाद, कर्नल और उनकी पत्नी के बैंक खाते से 3.41 करोड़ रुपये गायब हो गए। यह राशि ठगों ने बिना किसी ट्रेस के निकाल ली, और दोनों दंपति को महसूस हुआ कि वे एक बड़े ठगी का शिकार हो गए हैं।
जांच और कार्रवाई
चंडीगढ़ पुलिस और साइबर क्राइम सेल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। अधिकारियों ने बताया कि यह एक शातिर तरीके से की गई ठगी थी और ठगों ने पूरी प्लानिंग के साथ यह काम किया। पुलिस ने इस मामले की जांच में तेजी से कदम बढ़ाए हैं, और वे ठगों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं।
कैसे करें डिजिटल ठगी से बचाव
1. अपने व्यक्तिगत विवरणों को साझा न करें: किसी भी फोन कॉल, ईमेल या मैसेज के जरिए व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें, खासकर जब कोई अपरा स्त्रोत से संपर्क कर रहा हो।
2. सुरक्षित नेटवर्क का उपयोग करें: कभी भी सार्वजनिक Wi Fi का उपयोग कर के बैंकिंग ट्रांजैक्शन न करें।
3. अपने खातों का नियमित रूप से अवलोकन करें: अपने सभी खातों की गतिविधियों पर ध्यान रखें और यदि कुछ भी संदेहजनक लगे तो तुरंत कार्रवाई करें।
4. आधिकारिक संस्थानों से संपर्क करें: यदि आपको कोई शक होता है, तो संबंधित बैंक या संस्था से आधिकारिक रूप से संपर्क करें।
यह घटना हमें यह सिखाती है कि डिजिटल सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। ठगों द्वारा कर्नल और उनकी पत्नी को बड़ी आसानी से ठगा गया, और इसका मुख्य कारण था उनकी जानकारी की कमी और ठगों द्वारा एक सुनियोजित योजना के तहत विश्वास का निर्माण करना। इस प्रकार के ठगों से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
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