Skip to content
nationmirror.com

Nationmirror.com

Primary Menu
  • देश-विदेश
  • मध्य प्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • पंजाब
  • हरियाणा
  • गुजरात
  • राजस्थान
  • बिहार
  • झारखंड
  • जुर्म गाथा
  • खेल
  • फाइनेंस
  • ENTERTAINMENT
  • सनातन
  • Lifestyle
  • Infotainment
Video
  • Home
  • सनातन
  • Chaitra Navratri: नौदिन, नौदेवी, नौकहानियां…
  • सनातन

Chaitra Navratri: नौदिन, नौदेवी, नौकहानियां…

Hema Gupta March 30, 2025

Chaitra Navratri: चैत्र महिने की चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 30 मार्च रविवार यानी की आज से शुरु हो चुकी हैं, यह हिंदू धर्म का एक विशेष त्योहार है, इस दिन से ही हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है, इस लिए इसका महत्व और भी बढ़ जाता है, इस बार नवरात्रि पूरे 9 दिन नहीं बल्कि 8 दिन की होगी।

Read More: Chardham Yatra 2025: कपाट खुलने की तैयारियां शुरू,बीकेटीसी के अधिकारियों ने किया निरीक्षण

आपको बता दें कि, हिंदू कैलेंडर के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ नवरात्रि की शुरुआत होती है। नवरात्रि का पर्व 30 मार्च से लेकर 6 अप्रैल तक चलेगी। नवरात्रि के इन नौ दिनों में विशेष रूप से देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है, जिन्हें नवदुर्गा के नाम से जाना जाता है। हर दिन इन नौ रूपों के दर्शन और पूजा से व्यक्ति की आध्यात्मिक उन्नति होती है, और जीवन में शांति, समृद्धि और सुख की प्राप्ति होती है। आइए देवी के 9 रुपों के बारे में जाने और वो कहां विराजमान हैं।

Chaitra Navratri: 1. शैलपुत्री (प्रथम दिवस)

नवरात्रि के पहले दिन शैलपुत्री माता के रुप में पूजा की जाती है, बताया जाता है, कि शैलपुत्री हिमालय की पुत्री है, इन्हें मां पार्वती का रूप माना जाता है और यह शक्ति, धैर्य, और संजीवनी शक्ति का प्रतीक हैं। शैलपुत्री की पूजा से शारीरिक और मानसिक शक्ति में वृद्ध‍ि होती है। उनका वाहन वृषभ (बैल) है। शैलपुत्री माता का वास हिमालय की चोटियों पर होता है। इस दिन भक्तों को अपने जीवन में स्थिरता और बल की प्राप्ति होती है।

 

2. ब्राह्मचारिणी (द्वितीय दिवस)

नवरात्रि के दूसरा दिन यह माता ब्राह्मचारिणी का स्वरूप तपस्विनी और ब्रह्मज्ञानी है। कहा जाता है कि, उनका नाम ब्राह्मचारिणी इसलिए पड़ा क्योंकि उन्होंने भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। माता ब्राह्मचारिणी की पूजा से समृद्धि और आर्थ‍िक स्थिति में सुधार होता है। यह देवी संयम, तप, और साधना की देवी मानी जाती हैं। इनका वास कुंभकर्ण पर्वत पर माना जाता है।

 

3. चंद्रघंटा (तृतीय दिवस)

नवरात्रि के तीसरे दिन चंद्रघंटा देवी का रूप अत्यंत ही भव्य और शांतिपूर्ण होता है। इनके माथे पर चंद्रमा का घंटा है, इस कारण इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। यह देवी युद्ध में राक्षसों का संहार करने वाली मानी जाती हैं। देवी चंद्रघंटा की पूजा से मानसिक शांति और मानसिक समस्याओं का समाधान होता है। इनका वास काशी में स्थित है और इनके दर्शन से जीवन में सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

 

Chaitra Navratri: 4. कूष्मांडा (चतुर्थ दिवस)

नवरात्रि के चौथे दिन कूष्मांडा देवी का रूप ब्रह्मा की शक्ति से उत्पन्न हुआ है। इन्हें ‘सृष्टि की उत्पत्तिकर्ता’ भी कहा जाता है, क्योंकि इन्हीं के आशीर्वाद से ब्रह्मा ने सृष्टि का निर्माण किया था। देवी कूष्मांडा की पूजा से व्यक्ति को सुख, ऐश्वर्य, और समृद्धि प्राप्त होती है। इनका वास हिमालय के उत्तरी भाग में है।

5. स्कंदमाता (पंचम दिवस)

नवरात्रि के पांचवे दिन स्कंदमाता देवी के रूप में की जाती हैं। यह माता पार्वती अपने पुत्र स्कंद (कार्तिकेय) के साथ विराजमान होती हैं। इन्हें ‘मां दुर्गा’ का ही एक रूप माना जाता है। देवी स्कंदमाता की पूजा से संतान सुख, शांति और निरोगी जीवन की प्राप्ति होती है। इनकी पूजा से किसी भी प्रकार के शारीरिक कष्ट से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इनका वास काशी में है और इनके साथ स्कंद भगवान भी विराजमान रहते हैं।

6. कात्यायनी (षष्ठी दिवस)

नवरात्रि के छठवे दिन कात्यायनी देवी के रूप को अत्यधिक प्रभावशाली और युद्ध में सक्षम माना जाता है। इन्हें ‘शक्ति’ की देवी के रूप में पूजा जाता है। देवी कात्यायनी के बारे में माना जाता है कि उन्होंने राक्षसों का संहार करने के लिए जन्म लिया था। इनकी पूजा से बुरी शक्तियों से मुक्ति मिलती है और जीवन में हर प्रकार की रुकावटों का निराकरण होता है। इनका वास ‘कात्यायन आश्रम’ में है, जो मध्य प्रदेश के कटनी जिले में स्थित है।

7. कालरात्रि (सप्तम दिवस)

नवरात्रि के सातवें दिन कालरात्रि देवी के रुप में पूजा की जाती है, इनका रूप अत्यंत भयंकर और संहारक होता है। इनका वर्ण काला और मुँह खून से सना हुआ होता है। यह देवी राक्षसों का संहार करने वाली मानी जाती हैं और इनकी पूजा से सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। देवी कालरात्रि की पूजा से घर में सुख-शांति और रोगों से मुक्ति मिलती है। इनका वास हिमालय क्षेत्र के गहरे जंगलों में है।

8. महागौरी (अष्टमी दिवस)

नवरात्रि के आठवे दिन महागौरी देवी के रुप में पूजा की जाती है, इसका रूप अत्यंत ही सुंदर और शांति प्रदान करने वाला है। इन्हें देवी पार्वती का एक रूप माना जाता है। महागौरी की पूजा से जीवन में शांति, सुख, और वैभव की प्राप्ति होती है। इनकी पूजा से व्यक्ति का जीवन सुखमय बनता है और वह समाज में सम्मान प्राप्त करता है। इनका वास हिमालय में है और यह देवी अपने भक्तों के दुखों को समाप्त करने वाली मानी जाती हैं।

9. सिद्धिदात्री (नवमी दिवस)

नवरात्रि के नवमें दिन सिद्धिदात्री देवी के रुप में पूजा जाता है, इनको सिद्धियों की प्रदायिका माना जाता है। ये देवी अपने भक्तों को सभी प्रकार की सिद्धियाँ प्रदान करती हैं। इनकी पूजा से व्यक्तित्व में निखार आता है और सफलता की प्राप्ति होती है। सिद्धिदात्री देवी की पूजा से जीवन में ऐश्वर्य, संपत्ति और सुख की प्राप्ति होती है। इनका वास श्रीनागर में है और इन्हें सर्वश्रेष्ठ देवी माना जाता है।

Chaitra Navratri: जानिए नवरात्रि के महत्व..

यह त्योहार हिंदुओं का विशेष त्योहार है, नवरात्रि मे देवियो की पूजा के साथ – साथ कन्याओं की देवी के रुप में पूजा की जाती है, और उन्हें कन्याभोज कराया जाता है, जिसका पुण्य पूरे घर को मिलता है, पूजा करने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य, संतुलन, और जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति होती है।

इन नौ दिनों में विशेष पूजा विधियाँ, उपवास, और साधना की जाती है, जो भक्तों को आध्यात्मिक रूप से जागरूक करती हैं। इसके साथ ही यह पर्व समाज में एकता, सद्भावना, और प्रेम का संदेश भी फैलाता है। नवरात्रि का महत्व इस बात में भी निहित है कि यह समय आत्मविकास, तप, साधना, और भक्ति के माध्यम से अपने जीवन को सकारात्मक दिशा देने में मदद करता है।

इस प्रकार, नवरात्रि के नौ दिनों में पूजा जाने वाली नौ देवियों की पूजा से न केवल भौतिक सुख की प्राप्ति होती है, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति भी होती है। देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा से हम अपने जीवन की नकारात्मकता को दूर कर सकते हैं और सकारात्मकता को अपने जीवन में स्थापित कर सकते हैं।

 

About the Author

Hema Gupta

Author

"मैं हेमा गुप्ता, पिछले 2 वर्षों से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय हूं। एक क्रिएटिव और पैशनेट कंटेंट राइटर होने के साथ-साथ मैं ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी अनुभव रखती हूं। मेरा फोकस स्पोर्ट्स, एंटरटेनमेंट, सनातन संस्कृति और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों पर रहता है। सटीकता, सरल भाषा और रोचकता मेरी लेखन शैली की खासियत है। चाहे डिजिटल प्लेटफॉर्म हो या ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग, मेरा मकसद हमेशा ऑडियंस को सही और दिलचस्प जानकारी पहुंचाना है.

View All Posts

Post navigation

Previous: mp cm in mahakal : हिंदू नववर्ष पर सीएम यादव ने सूर्य को दिया अर्घ्य
Next: MP CM Awarded D.Litt Degree : सीएम मोहन यादव को डी.लिट. उपाधि

Related Stories

Pamchkuian Temple Mp
  • सनातन

Pamchkuian Temple Mp: ऐसा राम मंदिर जहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में आते हैं तोते!

Hema Gupta February 28, 2026
Maa Saraswati Mandir
  • सनातन

Maa Saraswati Temple Mp: ऐसा मंदिर जहां माता का स्याही से किया जाता है अभिषेक!

Hema Gupta February 24, 2026
2026-rashifal
  • Top Story
  • सनातन

Aaj ka rashifal in hindi: मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का राशिफल | “Daily horoscope”

Ranu February 21, 2026
  • सबके हितों की करेंगे रक्षा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • वन्य जीवों के पुनर्स्थापन में मप्र बन गया है देश का आदर्श माडल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • किसानों को कृषि केबिनेट में देंगे होली की सौगात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • ‘प्रोजेक्ट चीता’ से मिल रही मध्यप्रदेश को ‘चीता स्टेट’ की वैश्विक पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • कृषि को पारंपरिक उत्पादन से आगे बढ़ाकर बनाया जायेगा लाभकारी व्यवसाय : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

You Know This

  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY
  • DESCLAIMER
  • TERMS and CONDITION
  • About Us
  • electricity bill paymen: मार्च के सभी अवकाशों में भी खुले रहेंगे बिजली बिल भुगतान केंद्र
  • PAK Vs SL T20 WC 2026: पाकिस्तान टीम जीत के बाद भी सेमीफाइनल में नहीं बना पाई जगह!
  • PV Sindhu Stuck In Dubai: ईरान के हमले के बीच दुबई में फंसी पीवी सिंधु, दे रहीं वहां के हालात की खबर..
  • खामेनेई की मौत के बाद मोजतबा के हाथ ईरान की कमान
  • अमेरिका-इजराइल हमले में खामेनेई की मौत? ईरान सेना ने कहा खतरनाक हमला करेंगे
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.