Chaitanya Baghel ED: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल ने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। उन्होंने ED द्वारा उनकी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए रिहाई की मांग की है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें यह याचिका सीधे वहां न दायर करने की सलाह देते हुए हाईकोर्ट जाने को कहा था..

Chaitanya Baghel ED: अवधि अब 18 अगस्त 2025 तक बढ़ा दी गई
चैतन्य को 18 जुलाई 2025 को उनके जन्मदिन पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके भिलाई आवास पर छापा मारकर गिरफ्तार किया था। ED का आरोप है कि उन्होंने ₹2,100 करोड़ के शराब घोटाले से जुड़ी ₹16.7 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग Shell कंपनियों और अंडरवैल्यूड रियल एस्टेट लेनदेन के जरिए की है.. न्यायालय ने उन्हें प्रारंभिक रूप से पांच दिन की ED रिमांड दी और बाद में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जिसकी अवधि अब 18 अगस्त 2025 तक बढ़ा दी गई है..
Chaitanya Baghel ED: वरन् पहले उच्च न्यायालय की शरण लें
भूपेश और चैतन्य बघेल ने ED की जांच प्रक्रिया और उक्त मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम (PMLA) की कुछ धाराओं को असंवैधानिक करार देने की याचिका भी सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी। मगर SC ने इस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दी और दोनों को हाईकोर्ट से न्यायालयीन राहत लेने को कहा गया है। SC ने स्पष्ट रूप से कहा कि अमीर या प्रभावशाली लोग सीधे शीर्ष अदालत न जाएं, वरन् पहले उच्च न्यायालय की शरण लें
Chaitanya Baghel ED: कानूनी साक्ष्यों पर आधारित और मजबूत
राजनीतिक प्रतिक्रिया के स्वर उठे हैं। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए राज्य के सभी जिलों में ED के खिलाफ प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का आरोप है कि यह कार्रवाई केंद्र सरकार द्वारा विपक्ष को डराने–धमकाने की रणनीति है.. हीं, बीजेपी और राज्य सरकार का कहना है कि ED कार्रवाई कानूनी साक्ष्यों पर आधारित और मजबूत है।
Chaitanya Baghel ED: PMLA की धाराओं की वैधानिकता पर जल्द फैसला हो सकता
चैतन्य के वकील ने जेल में सुरक्षा बढ़ाने का आवेदन भी लगाया है—जिसमें परिवार द्वारा साप्ताहिक मुलाकात, वकील से दैनिक मिलन, और ED की 45 दिनों तक CCTV फुटेज संरक्षित रखने की मांग शामिल है… मामला अब हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए प्रस्तुत है, जिसमें चैतन्य की हिरासत एवं PMLA की धाराओं की वैधानिकता पर जल्द फैसला हो सकता है।
