बच्चों के शवों को घर ले जाने के लिए नहीं मिली एंबुलेंस
CG Big News: छत्तीसगढ़ से सटे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली से दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है. यहां अपने दो मासूम बच्चों की मौत के बाद उनके शवों को कंधे पर लादकर 15 किलोमीटर तक पैदल चलकर ले जाना माता-पिता की मजबूरी हो गई. बच्चों की मौत के बाद शवों को घर तक ले जाने के लिए परिजनों को एम्बुलेंस नहीं मिली. रोते- बिलखते मां-पिता अपने बच्चों के शवों को कंधों पर लादकर ले जाने मजबूर हुए.
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बच्चों के शवों को कंधे पर रख पैदल चले माता-पिता
नक्सलवाद प्रभावित गढ़चिरौली जिले के बच्चों की तबियत खराब होने के बाद इन्हें अस्पताल न ले जाकर माता-पिता अंधविश्वास के चलते किसी पुजारी के पास ले जाया गया था. उसने कोई जड़ी-बूटी खिलाई, जिसके बाद हालत और बिगड़ गई. वे किसी तरह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.परिजनों ने बच्चों के शव को घर ले जाने के लिए अस्पताल प्रबंधन से एंबुलेंस की मांग की थी। जब उन्हें एंबुलेंस नहीं मिली तो माता-पिता रोते-बिलखते दोनों बच्चों के शव को कांधे पर उठाकर घर के लिए निकल गए।
CG Big News: गांव तक पहुंचने के लिए नहीं है सड़क
पट्टीगांव से अहेरी गांव तक पक्की सड़क नहीं है। कीचड़ और जंगल के रास्ते माता-पिता करीब 15 किमी पैदल चलकर दोनों के शवों को घर लेकर पहुंचे। इस मार्ग से गुजर रहे कुछ लोगों ने शव ले जाते परिजनों का वीडियो बना लिया। जिसके बाद यह मामला उजागर हुआ।
