10 मार्च से संसद सत्र में लाए जाने की संभावना(Wakf Bill Report 2025 )
Wakf Bill केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने वक् फ संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैबिनेट ने 19 फरवरी को हुई अपनी बैठक में बिल को मंजूरी दे दी थी। सरकार संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में इसे पेश कर सकती है। बजट सत्र का दूसरा चरण 10 मार्च से चार अप्रैल तक चलेगा।
Wakf Bill Report 2025 विपक्ष ने किया विरोध
संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट के आधार पर वक्फ बिल का नया मसौदा तैयार किया गया है। इससे पहले 13 फरवरी को बजट सत्र के पहले चरण में वक्फ बिल पर जेपीसी की रिपोर्ट संसद में पेश की गई थी। विपक्ष ने इस रिपोर्ट को गलत बताया है। इसके बाद संसद में हंगामा हुआ।
वक्फ (संशोधन) विधेयक पर विचार करने वाली जेपीसी ने 27 जनवरी को मसौदा रिपोर्ट को मंजूरी दी थी। जेपीसी की बैठक में 44 संशोधनों पर चर्चा हुई। भाजपा एनडीए सांसदों के नेतृत्व में 14 संशोधन पारित किए गए। जबकि विपक्ष के संशोधन को पूरी तरह खारिज कर दिया गया था।
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने अगस्त 2024 में लोकसभा में वक्फ विधेयक पेश किया था। इसके बाद इसे जेपीसी के पास भेजा गया। बाद में जेपीसी ने इस संबंध में 655 पेज की रिपोर्ट दी।
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वक्फ बिल पर जेपीसी की रिपोर्ट को लेकर संसद में हंगामा हुआ
भाजपा सांसद मेधा कुलकर्णी ने 13 फरवरी को राज्यसभा में रिपोर्ट पेश की थी और जेपीसी अध्यक्ष एवं भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने लोकसभा में रिपोर्ट पेश की थी। विपक्ष ने दोनों सदनों में इस पर आपत्ति जताई थी। उनका आरोप है कि उनकी असहमति को जेपीसी रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया है।
विपक्ष का सवाल: जेपीसी रिपोर्ट से हमारी असहमति हटा दी गई
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जेपीसी रिपोर्ट झूठी है। जिसमें विपक्ष की असहमति दूर कर दी गई है। यह असंवैधानिक है। आप सांसद संजय सिंह ने कहा, ‘हमने अपना पक्ष रखा। आप इससे सहमत या असहमत हो सकते हैं, लेकिन आप इसे कूड़ेदान में कैसे डाल सकते हैं?
सरकार का जवाब- संसदीय प्रणाली के तहत विपक्षी सदस्य अपने मुद्दों को रिपोर्ट में जोड़ सकते हैं
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि विपक्ष के कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई थी कि उनकी राय इसमें शामिल नहीं की गई। मैं कहना चाहूंगा कि विपक्ष के सदस्य संसदीय कार्य प्रणाली के अंतर्गत जो कुछ भी जोड़ना चाहते हैं उसमें जोड़ सकते हैं। उनकी पार्टी को इस पर कोई आपत्ति नहीं है।
जेपीसी स्पीकर ने 30 जनवरी को लोकसभा स्पीकर को रिपोर्ट सौंपी थी।
Wakf Bill Report 2025: जेपीसी ने 30 जनवरी को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को मसौदा रिपोर्ट सौंपी थी। इस अवसर पर जेपीसी अध्यक्ष जगदंबिका पाल, निशिकांत दुबे और भाजपा के अन्य सांसद मौजूद थे। विपक्ष का कोई सांसद नजर नहीं आया। जेपीसी ने 29 जनवरी को मसौदा रिपोर्ट को मंजूरी दी थी। इसके पक्ष में 16 सदस्यों ने मतदान किया। जबकि 11 सदस्यों ने विरोध किया। समिति में शामिल विपक्षी सांसदों ने विधेयक पर आपत्ति जताई।
