CDS Anil Chauhan: मध्यप्रदेश के महु स्थित आर्मी वॉर कॉलेज में आयोजित रण संवाद 2025 कार्यक्रम में सीडीएस चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान ने कहा भारत एक शांतिप्रिय देश है इसका मतलब यह नहीं कि हम “शांतीवादी” है। दुश्मन गलतफहमी में कतई न रहे। हम युद्ध के लिए सदैव तैयार है ।
तीनों सेनाओं के प्रमुख व रक्षा मंत्री होंगे शामिल
- दो दिवसीय इस कार्यक्रम में तीनों सेनाओं के रक्षा प्रमुख सहित रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल होंगे.
- कार्यक्रम की शुरूआत 26 अगस्त को हुइ है.
- जो 27 अगस्त तक यह कार्य़क्रम मध्यप्रदेश के महु आर्मी कॉलेज में चलेगा ।
सीडीएस ने कहा ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ है
अपने स्पीच में अनिल चौहान ने कहा ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है. ऑपरेशन सिंदूर यह न्यू एज वार था यह एक आधुनिक संघर्ष था जिसमें से हमने कई सबक सीखे जिनमें से ज्यादातर पर अमल चल रहा है
राष्ट्रकवि दिनकर की पंक्तियां दोहराई

सीडीएस ने कहा कि शक्ति के बिना शांति केवल एक कल्पनात्मक विचार है। उन्होंने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध पंक्तियां दोहराते हुए कहा – “क्षमा शोभती उस भुजंग को जिसके पास गरल हो, उसको क्या जो दंतहीन, विषरहित, विनीत, सरल हो।”
गीता, महाभारत और चाणक्य की नीतियों का उदाहरण देते हुए सीडीएस ने कहा कि शक्ति, उत्साह और युक्ति युद्ध नीति के लिए सबसे अहम तत्व हैं।
आने वाली चुनौतियों सामना करने के लिए आत्मनिर्भरता जरूरी
CDS चौहान ने कहा कि आने वाला युद्ध बेहद खतरनाक होगा। इसमें थलसेना, वायुसेना और नौसेना को मिलकर ही जीत हासिल करनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस चर्चा का मकसद ऑपरेशन सिंदूर की समीक्षा नहीं, बल्कि भविष्य के युद्ध की रणनीति पर विचार करना है।

उन्होंने कहा कि भारत को हर परिस्थिति में सशक्त और आत्मनिर्भर बनना होगा ताकि आने वाले समय की चुनौतियों का सामना किया जा सके।
मिशन सुदर्शन की दी जानकारी
जनरल चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त को लालकिले से घोषित सुदर्शन चक्र मिशन पर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मिशन पर कार्य आरंभ हो चुका है। हाल ही में DRDO ने इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम (IADWS) का सफल परीक्षण किया, जो इसी मिशन का हिस्सा है।
2035 तक बनेगा भारत का सुरक्षा कवच
CDS Anil Chauhan: उनका कहना था कि वर्ष 2035 में मिशन पूरा होने के बाद यह भारत की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगा और यह आयरन डोम या गोल्डन डोम की तरह काम करेगा। जो भारत की सीमा सुरक्षा में कड़ी निगरानी के लिए व सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेगा।

