कार्टून वार में उलझीं पार्टियां, सोशल मीडिया पर तीखी तकरार
छत्तीसगढ़ में बिजली बिल-केते एक्सटेंशन जैसे मुद्दे पर बीजेपी-कांग्रेस नेताओं की जुबानी जंग अब सोशल मीडिया वॉर में बदल गई है। दोनों दल सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के खिलाफ आपत्तिजनक कार्टून और मीम बनाकर वायरल कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ की सियासत में 2 नए कार्टून पोस्ट किए गए, जिनसे विवाद और बढ़ गया। एक कार्टून में कांग्रेस ने बीजेपी नेताओं को पशु के रूप में दिखाया। वहीं इसके पलटवार में बीजेपी ने भी कांग्रेस नेताओं को लेकर आपत्तिजनक कार्टून पोस्ट कर दिया।

कांग्रेस ने बीजेपी पर बोला हमला
इन कार्टूनों को लेकर कांग्रेस ने कहा कि यह बीजेपी और RSS की मानसिकता को दिखाता है। वहीं बीजेपी ने भी जवाब में कहा कि वे कांग्रेस को उसी की भाषा में जवाब दे रहे हैं। पार्टियों के इस तरह के पोस्ट पर प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकारों का कहना है कि प्रदेश की राजनीति का स्तर गिरता जा रहा है।
‘बीजेपी नेताओं को ये सीख RSS से मिली’
कांग्रेस नेता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि बीजेपी के पास प्रदेश और देश को बताने के लिए कुछ भी नहीं है। इसलिए वो सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर कांग्रेस नेताओं के चरित्र हनन का प्रयास कर रही है। ये सीख इन्हें आरएसएस से मिलती है।बीजेपी नेताओं ने महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी जैसे नेताओं की भी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है। अब वही प्रयास राहुल गांधी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ किया जा रहा है।

बीजेपी ने किया पलटवार
इस मामले में बीजेपी नेता दीपक उज्जवल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश और प्रदेश में लगातार अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रही है। पीएम और सीएम को लेकर कांग्रेस नेता न सिर्फ आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं, बल्कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट भी शेयर कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि ऐसे हर पोस्ट और बयान का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। दीपक उज्जवल ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बयानबाजी पर टिप्पणी की है। राहुल गांधी बिना किसी सबूत के निराधार आरोप लगाते हैं।
पहले भी हो चुकी है सोशल मीडिया वॉर
बीजेपी और कांग्रेस नेताओं के बीच सोशल मीडिया वॉर का ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी विधानसभा चुनावों से पहले दोनों दलों के नेताओं ने एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगाए थे और तीखी टिप्पणियां की थीं।जब विवाद बढ़ा तो दोनों पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं के निर्देश पर मीडिया प्रभारियों ने सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के खिलाफ पोस्ट करना कम कर दिया था।
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