एक क्लिक में पता चलेगा कौन सा कोर्स करेगा आपको जॉब-रेडी
career opportunities in india: अगर आप या किस फील्ड में करियर बनाएं, तो अब चिंता की बात नहीं! केंद्र सरकार एक स्मार्ट जॉब डैशबोर्ड ला रही है, जो एक क्लिक में बताएगा कि भविष्य में किस सेक्टर में कितनी नौकरियां होंगी, कौन सी स्किल्स की डिमांड रहेगी, और कौन से कोर्स आपको जॉब-रेडी बनाएंगे। यह डैशबोर्ड बनाया जा रहा है, जहां छात्रों को करियर चुनने में मदद मिलती है। आइए, जानते हैं कि यह डैशबोर्ड कैसे काम करेगा और आपके करियर को कैसे बदल सकता है?
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जॉब डैशबोर्ड क्या है?
यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा, जहां भविष्य के जॉब ट्रेंड्स दिखाए जाएंगे। किस सेक्टर में कितनी नौकरियां होंगी, इसकी जानकारी मिलेगी। कौन सी स्किल्स सबसे ज्यादा मांग में होंगी। कौन से कोर्स करने से आपको जल्दी नौकरी मिल सकती है।
उदाहरण:
5G, 6G, क्वांटम कम्युनिकेशन, सैटेलाइट, AI, IoT, मशीन लर्निंग, सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में कितने प्रोफेशनल चाहिए होंगे। कौन से कोर्स बंद करने चाहिए और नए कोर्स शुरू करने चाहिए।
छात्रों और अभिभावकों के लिए गेमचेंजर
अभी तक छात्र अंधेरे में कोर्स चुनते थे, लेकिन अब सही कोर्स चुनने में मदद मिलेगी। पढ़ाई पूरी होने के बाद नौकरी के अवसरों का अंदाजा होगा। कॉलेज और संस्थान भी जान सकेंगे कि सिलेबस में क्या बदलाव करने हैं।
फायदा:
बेरोजगारी कम होगी। जॉब-रेडी टैलेंट तैयार होंगे। इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार पढ़ाई होगी।
अमेरिका और ब्रिटेन में कैसे काम करता है डैशबोर्ड?
अमेरिका:
- वॉशिंगटन स्टेट का लेबर मार्केट डैशबोर्ड बताता है कि किस सेक्टर में कितनी नौकरियां खुली हैं।
- मई 2025 में यहां जॉब ओपनिंग रेट 3.7% थी।
ब्रिटेन:
- शिक्षा मंत्रालय का पोर्टल बताता है कि किस सेक्टर में कितनी रिक्तियां हैं और औसत वेतन क्या है।
- जून-अगस्त 2025 के बीच 7.28 लाख रिक्तियां दर्ज हुईं।
भारत में अभी क्या है?
- लेबर ब्यूरो डैशबोर्ड (पिछला डेटा)
- पीरियडिक लेबर फोर्स सर्वे (रोजगार-बेरोजगारी का डेटा)
- भारत स्किल्स पोर्टल (आईटीआई और स्किल ट्रेनिंग की जानकारी)
- असीम पोर्टल (जॉब-मैचिंग प्लेटफॉर्म)
लेकिन नया डैशबोर्ड इनसे काफी आगे होगा!
भारत में डैशबोर्ड लाने की चुनौतियां
अलग-अलग मंत्रालयों का डेटा एक जगह लाना मुश्किल है। से डेटा को एनालाइज किया जाएगा। एआईसीटीई, यूजीसी, एनसीवीईटी जैसी संस्थाओं की अहम भूमिका होगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने टेलीकॉम और आईटी विभाग से परामर्श शुरू कर दिया है।
किसे होगा फायदा?
✅ छात्र: सही कोर्स चुन सकेंगे।
✅ अभिभावक: बच्चों के करियर की प्लानिंग कर सकेंगे।
✅ कॉलेज/यूनिवर्सिटी: सिलेबस अपडेट कर सकेंगे।
✅ कंपनियां: स्किल्ड कर्मचारियों को आसानी से ढूंढ सकेंगी।
कौन से सेक्टर होंगे फोकस में?
- सैटेलाइट टेक्नोलॉजी
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
- इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT)
- मशीन लर्निंग
इन क्षेत्रों में भविष्य में सबसे ज्यादा नौकरियां होंगी!
डैशबोर्ड कब तक आएगा?
सरकार ला सकती है। एआई और डेटा एनालिटिक्स की मदद से यह देगा।
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