Cancer: कैंसर का नाम सुनते ही लोग डर से कांप जाते है। लेकिन क्या आप जानते है की MP में कैंसर के आंकड़े डराने वाले है। 2020 में प्रदेश में कुल 42 हजार 966 मामले थे। 2021 में 44 हजार 56 और 2022 में 45 हजार 176 लोग इस बीमारी से पीड़ित हुए हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी ICMR की कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम की रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में हर साल करीब 40 हजार कैंसर मरीज सामने आ रहे हैं।
मूंह और ब्रेस्ट कैंसर के सबसे ज्यादा मरीज
कैंसर से पीडित ज्यादातर मरीजों को मूंह का कैंसर है। वहीं महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित है। अगर पूरे देश की बाद करे तो 2019 से 2023 के बीच पांच साल में कैंसर के 71 लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं. 2023 में ही लगभग 15 लाख मामले सामने आए थे, 2025 तक भारत में कैंसर मरीजों की संख्या 15 लाख के पार होने की आशंका है।
Cancer: डाइट का रखे खास ख्याल
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक दुनियाभर में कैंसर से हर मिनट 17 लोगों की मौत होती है, भारत में हर 10 कैंसर मरीजों में 7 की मौत हो जाती है, ग्लोबल कैंसर ऑब्जरवेटरी के आंकड़ों के अनुसार, 50 साल की उम्र से पहले ब्रेस्ट, प्रोस्टेट और थायरॉइड कैंसर सबसे ज्यादा हो रहे हैं। भारत में ब्रेस्ट, मुंह, यूट्रस और फेफड़ों के कैंसर के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। जो कैंसर पैशेंट है उनको अपनी डाइट का खास खयाल रखना चाहिए।
रूस ने बनाई कैंसर से लड़ने की वैक्सीन
कैंसर से लड़ने के लिए वैक्सीन बना ली गई है। इसके बारे में जानने से पहले ये जान लिजीए की कैंसर कीतनी तरह का होता है –
वैसे तो कैंसर को 200 से ज्यादा टाइप्स होते है, जो शरीर के अलग-अलग पार्ट के हिसाब से बटे हुए है। जिनमें से ब्रेस्ट कैंसर, लग्स कैंसर, मुंह का कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, लिवर कैंसर, ब्लड कैंसर, ब्रेन कैंसर, और बोन कैंसर प्रमुख है। लेकिन अब इस बिमारी से डरने की जरूरत नहीं है। क्योंकी कैंसर से लड़ने के लिए रूस ने वैक्सीन तैयार कर ली है।
रूसी न्यूज एजेंसी TASS के मुताबिक, इस वैक्सीन को अगले साल से रूस के नागरिकों को फ्री में लगाया जाएगा। मैसेंजर-RNA वैक्सीन को सदी की सबसे बड़ी खोज माना जा रहा है। वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल से पता चला है कि इससे ट्यूमर के बढ़ने से रोकने में मदद मिलती है। mRNA इंसानों के जेनेटिक कोड का एक छोटा सा हिस्सा है, जो हमारी सेल्स में प्रोटीन बनाती है। इसे आसान भाषा में समझे तो जब हमारे शरीर पर कोई वायरस या बैक्टीरिया हमला करता है, इस वैक्सीन की खास बात यह है कि यह कभी कैंसर होने से पहले नहीं दी जाती है, बल्कि यह उन लोगों को दी जाती है जिन्हें कैंसर ट्यूमर है।
Cancer: क्या भारत को होगा फायदा?
रूस की बनाई गई वैक्सीन से भारत को भी फायदा हो सकता है, क्योंकि भारत और रूस के रिश्तें काफी अच्छे है इसलिए रूस भारत को ये वैक्सीन दे सकता है। भारत के पास अपनी खुद की वैक्सीन है। लेकिन ये केवल सर्वाइकल कैंसर केंसर को रोकने में कारगर है। बता दे की देश में हर साल करीब 70 हजार महिलाएं इस कैंसर से जान गंवा देती हैं। इसके अलावा नशा भी कैंसर का सबसे बड़ा कारण है।
Cancer: कैंसर से डरने की जरूरत नहीं है अगर किसी को कैंसर है तो सही इलाज और डाइट से उससे लड़ा जा सकता है।
