Canadian Police Seize : खालिस्तान समर्थकों से जुड़े होने का शक
🔍 प्रमुख बिंदु
- ऑपरेशन का नाम: प्रोजेक्ट पेलिकन
- कोकीन की मात्रा: 479 किलोग्राम
- मूल्य: लगभग ₹400 करोड़
- गिरफ्तार लोग: 9 (7 भारतीय मूल के)
- जांच एजेंसियां: पील रीजनल पुलिस, कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA), अमेरिकी ड्रग इन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA)
- संदिग्ध संबंध: खालिस्तान समर्थक समूहों से जुड़ा होने का शक
📌 ऑपरेशन पेलिकन: एक ऐतिहासिक ड्रग जब्ती
कनाडा की पील रीजनल पुलिस ने प्रोजेक्ट पेलिकन ऑपरेशन के तहत 479 किलोग्राम कोकीन जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹400 करोड़ है। यह कनाडा में अब तक की सबसे बड़ी ड्रग जब्ती मानी जा रही है। इस ऑपरेशन में 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 7 भारतीय मूल के नागरिक हैं। इन गिरफ्तारियों में टोरंटो, ब्रैम्पटन, कैलेडन, कैम्ब्रिज और जॉर्जटाउन के निवासी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों पर कुल 35 आरोप लगाए गए हैं, जिनमें ड्रग्स और हथियारों से संबंधित आरोप शामिल हैं।
🚚 तस्करी का तरीका: अमेरिका से कनाडा तक
पुलिस के अनुसार, यह ड्रग नेटवर्क अमेरिका से कनाडा तक कमर्शियल ट्रकिंग रूट्स का इस्तेमाल कर कोकीन की तस्करी करता था। इस नेटवर्क के संबंध मैक्सिकन कार्टेल्स और अमेरिकी ड्रग डिस्ट्रीब्यूटर्स से थे। तस्करी से प्राप्त धन का उपयोग भारत विरोधी गतिविधियों, जैसे विरोध प्रदर्शन और जनमत संग्रह के लिए किया जा रहा था। इसके अलावा, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इस नेटवर्क को समर्थन देने की भी आशंका जताई गई है।
🧾 गिरफ्तार लोग: भारतीय मूल के 7 नागरिक
गिरफ्तार किए गए भारतीय मूल के नागरिकों में शामिल हैं:
- साजगित योगेंद्र राजा (31) – टोरंटो
- मनप्रीत सिंह (44) – ब्रैम्पटन
- अरविंदर पोवार (29) – ब्रैम्पटन
- करमजीत सिंह (36) – कैलेडन
- गुरतेज सिंह (36) – कैलेडन
- सरताज सिंह (27) – कैम्ब्रिज
- शिव ओंकार सिंह (31) – जॉर्जटाउन
इनके अलावा, दो अन्य आरोपी हाओ टॉमी हुइन्ह (27) और फिलिप टेप (39) को भी गिरफ्तार किया गया है। इन सभी पर ड्रग्स और हथियारों से संबंधित कुल 35 आरोप लगाए गए हैं।

कनाडा-भारत संबंधों पर प्रभाव
यह घटना कनाडा में खालिस्तान समर्थक गतिविधियों और ड्रग तस्करी के बढ़ते प्रभाव को उजागर करती है। इससे पहले, कनाडा में भारत विरोधी गतिविधियों के लिए धन जुटाने के लिए ड्रग तस्करी के मामलों की रिपोर्टें आई हैं। इस ऑपरेशन के बाद, कनाडा और भारत के बीच सुरक्षा सहयोग को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
📢 कनाडा में भारतीय मूल के नागरिकों द्वारा ड्रग तस्करी और भारत विरोधी गतिविधियों के लिए धन जुटाने की यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक चेतावनी है। इससे यह स्पष्ट होता है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क न केवल मादक पदार्थों की तस्करी कर रहे हैं, बल्कि आतंकवाद और अस्थिरता फैलाने के लिए भी उनका उपयोग कर रहे हैं। इस प्रकार की घटनाओं से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कड़ी निगरानी की आवश्यकता है।
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