ट्रंप-मस्क के दबाव के चलते जस्टिन ट्रूडो को लेना पड़ा फैसला
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो बुधवार से पहले अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। कनाडाई मीडिया के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। कहा जा रहा है कि जस्टिन ट्रूडो ने जल्द ही अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया है। जस्टिन ट्रूडो को लगातार विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रूडो के इस्तीफे की मांग उनकी ही पार्टी में भी की गई है। ऐसे में खुद जस्टिन ट्रूडो ने चुनाव से पहले इस्तीफे की पेशकश की है। कनाडा में संघीय चुनाव इस साल अक्टूबर के बीच किसी भी समय होने की संभावना है।
राष्ट्रीय कॉकस बैठक से पहले इस्तीफा
ग्लोब एंड मेल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि ट्रूडो का इस्तीफा बुधवार की महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कॉकस बैठक से पहले आएगा। एक सूत्र ने प्रकाशन को बताया, “कनाडाई पीएम को लगता है कि उन्हें लिबरल कॉकस की बैठक से पहले एक घोषणा करने की आवश्यकता है ताकि उन्हें ऐसा महसूस न हो कि उन्हें अपने ही सांसदों द्वारा बाहर कर दिया गया है।
उनकी अपनी ही पार्टी का दबाव
लिबरल पार्टी के सदस्यों का मानना है कि जस्टिन ट्रूडो के नेतृत्व में पार्टी के लिए अब अगला चुनाव जीतना मुश्किल हो गया है। ट्रूडो पर उनकी पार्टी के सांसदों द्वारा इस्तीफा देने के लिए महीनों से दबाव डाला गया था। दबाव तब बढ़ गया जब उनकी वित्त मंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड ने 16 दिसंबर को यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया कि नीतिगत मुद्दों पर उनके और प्रधानमंत्री के बीच मतभेद थे।

पार्टी के भीतर उनके खिलाफ नाराजगी बढ़ रही है और इसी नाराजगी का नतीजा है कि सांसद खुलकर उनका विरोध करने लगे हैं। कुछ समय पहले उन्हें हटाने के लिए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया था। इस दौरान ट्रूडो से कई मुश्किल सवाल पूछे गए हैं। जिसके चलते उन पर इस्तीफा देने का दबाव बनाया जा रहा है।
कॉकस की सिफारिश के आधार पर एक नई नियुक्ति
पिछले हफ्ते ही कुछ स्थानीय मीडिया आउटलेट्स ने बताया कि जस्टिन ट्रूडो की टीम इस विकल्प पर विचार कर रही थी कि वह प्रधानमंत्री कैसे बने रह सकते हैं, भले ही उन्हें लिबरल प्रीमियर के रूप में हटा दिया जाए। पार्टी को एक अंतरिम नेता नियुक्त करना होगा या राष्ट्रीय कॉकस की सिफारिश पर मतदान कराना होगा, जिसके बाद लिबरल पार्टी को एक नया प्रमुख मिलेगा।
