विसावदर और कडी सीटों पर कम मतदान
गुजरात की विसावदर और कडी विधानसभा सीटों पर मतदान अपेक्षाकृत कम रहा। विसावदर में 54.61% और कडी में 54.49% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। दोनों सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला देखा गया, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार मैदान में थे। कम मतदान ने राजनीतिक दलों के बीच चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह मतदाताओं की उदासीनता या स्थानीय मुद्दों पर असंतोष का संकेत हो सकता है।

By-elections in Gujarat: BJP विधायक के निधन के बाद उपचुनाव
कडी विधानसभा सीट, जो अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है, फरवरी 2025 में BJP विधायक करसनभाई पंजाभाई सोलंकी के निधन के बाद खाली हुई थी। इस उपचुनाव में BJP ने राजेंद्र छावड़ा को उम्मीदवार बनाया, जबकि कांग्रेस ने पूर्व विधायक रमेश चावड़ा और AAP ने जगदीश चावड़ा को मैदान में उतारा। कडी में दलित समुदाय की वोटिंग पैटर्न पर सभी की नजर थी, क्योंकि यह क्षेत्र सामाजिक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जाता है। त्रिकोणीय मुकाबले ने इस सीट को और रोचक बना दिया।
BJP में शामिल होने से विवाद
विसावदर सीट दिसंबर 2023 में उस समय खाली हुई, जब AAP विधायक भूपेंद्रभाई गंडूभाई भायानी ने इस्तीफा देकर BJP का दामन थाम लिया। इस उपचुनाव में BJP ने किरीट पटेल को उम्मीदवार बनाया, जबकि AAP ने अपने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया को मैदान में उतारा। कांग्रेस ने नितिन रणपरिया को टिकट दिया। 2022 में BJP के हारे हुए प्रत्याशी हर्षद रीबडिया ने भायानी की जीत को गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन मार्च 2025 में याचिका वापस लेने के बाद उपचुनाव का रास्ता साफ हुआ। इस सीट पर AAP और कांग्रेस के बीच गठबंधन होने से मुकाबला और दिलचस्प हो गया। स्थानीय मुद्दों और दल-बदल की राजनीति ने इस सीट को चर्चा का केंद्र बनाया।
