
Jail security lapse: भोपाल सेंट्रल जेल सेंट्रल जेल में सेंधमारी की कोशिश हुई है. बुधवार को जेल में प्रतिबंधित संगठनों के कैदियों की बैरक के पास एक ड्रोन मिलने से हड़कंप मच गया. ड्रोन अंडा सेल से महज 200 मीटर की दूरी पर मिला. इस अंडा सेल में करीब 69 आतंकी कैद हैं.
Jail security lapse: आतंकियों की बैरक के पास मिला ड्रोन
ड्यूटी के दौरान जेल प्रहरी ने हनुमान मंदिर के पास अचानक ड्रोन पड़ा देखा. यह जगह अंडा सेल से महज 200 मीटर की दूरी पर है. इस अंडा सेल में आतंकी कैद हैं, जिसके चलते जेल में हड़कंप मच गया. ड्रोन मिलने के बाद जेल प्रबंधन ने गांधीनगर पुलिस को इसकी सूचना दी. 26 जनवरी से पहले इस तरह जेल में सेंध होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं.
Jail security lapse: अंडा सेल से महज 200 मीटर की दूरी मिला ड्रोन
जेल अधीक्षक राकेश भांगरे ने बताया कि प्रहरी सोनवार चौरसिया जेल में गश्त कर रहा था. तभी उसे नवीन व खंड के निर्माणाधीन हिस्से में हनुमान मंदिर के पीछे की ओर एक ड्रोन पड़ा दिखा. प्रहरी ने ड्रोन को उठाकर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों के सुपुर्द किया. इसकी तकनीकी स्टाफ से जांच कराई जा रही है. फिलहाल ड्रोन में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है.
Jail security lapse: जेल में बंद हैं 69 आतंकी
इसकी जानकारी डीजी जेल, डीजीपी सहित कंट्रोल रूम और स्थानीय पुलिस को दी गई. पता लगाया जा रहा है कि आखिर जेल में यह ड्रोन कैसे पहुंचा. भोपाल सेंट्रल जेल मध्य प्रदेश की सबसे हाई सिक्योरिटी जेल है. यहां करीब तीन हजार से ज्यादा कैदी बंद हैं. इनमें प्रतिबंधित संगठनों से संबंधित 69 आतंकी कैद हैं.
Jail security lapse: आतंकियों के लिए ये सुरक्षा
आतंकियों को जेल में सुबह ढाई घंटा, शाम में एक घंटा हाई सिक्योरिटी बैरक से बाहर निकला जाता है, जिसमें वह पर्सनल काम जैसे कपड़े सुखाना, धूप लेना, टहलना आदि कर सकें. हर आतंकी पर नजर रखने की जिम्मेदारी दो प्रहरियों की होती है. उन्हें किसी से बातचीत की इजाजत नहीं होती. सभी आतंकियों को बाहर निकालने पर भी अलग-अलग रखा जाता है.
jail security lapse:ड्रोन मामले में बड़ा खुलासा
भोपाल सेंट्रल जेल सेंट्रल जेल के ड्रोन मामले में एक बड़ा खुलासा सामने आया है।आपकाे बता दें की सेंट्रल जेल में मिला ड्राेन किसी आतंकि संगठन का नहीं बल्कि डॉक्टर स्वप्निल जैन का है।डॉक्टर स्वप्निल जैन का कहना है की उनका बेटा वह ड्राेन IT पार्क उड़ा रहा था।अचानक ड्रोन से संपर्क टूट गया और जेल में जाकर गिर गया।
पुलिस कमिश्नर हरीनारायण चारी मिश्रा ने गुरुवार दोपहर भोपाल सेंट्रल जेल का निरीक्षण किया। उन्होंने वॉच टावर पर बल और जेल परिसर में कैमरों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया है। निरीक्षण के दौरान ही बुधवार को जेल में मिले संदिग्ध ड्रोन को एक डॉक्टर ने स्वयं का बताया। वह ड्रोन का रिमोट लेकर जेल परिसर में पहुंचे थे। इस रिमोट ड्रोन को ऑपरेट कर पुलिस ने चेक भी किया। हालांकि पुलिस कमिश्नर ने ड्रोन की फोरेंसिक जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
