
विधानसभा में बोले भूपेश- बैज के घर की रेकी करते पकड़े पुलिसकर्मी
Budget Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट सत्र के चौथे दिन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की जासूसी का आरोप लगाकर कांग्रेसी विधायक नारेबाजी करते हुए गर्भ गृह तक पहुंच गए।
सदन में भूपेश बघेल ने लगाया आरोप
रायपुर में दंतेवाड़ा पुलिस के कुछ कर्मचारी और अधिकारियों को कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने पकड़ा है। इसे लेकर पूर्व सीएम भूपेश ने सोशल मीडिया पर दावा किया है, कि सरकार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की जासूसी करवा रही है। पुलिसकर्मी उनके बंगले के बाहर रेकी करते मिले। घटना को लेकर विपक्ष के सदस्य सीट से उठकर नारेबाजी कर रहे थे।
लोकतंत्र के प्रति भाजपा के अविश्वास का एक और उदाहरण- भूपेश बघेल
भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेट फॉर्म X पर पोस्ट कर लिखा है कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार को कौन सा डर सता रहा है कि विपक्ष के नेताओं की जासूसी करवा रही है?रायपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के घर जासूसी करते हुए एक पुलिस अधिकारी को पकड़ा गया है। यह लोकतंत्र के प्रति भाजपा के अविश्वास का एक और उदाहरण है।
3 मार्च को पेश होगा साय सरकार का बजट
छत्तीसगढ़ की BJP सरकार अपना दूसरा बजट 3 मार्च को पेश करने जा रही है। छत्तीसगढ़ राज्य का यह 24वां बजट होगा। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस बार छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी 1 लाख 60 हजार करोड़ से अधिक का बजट पेश कर सकते हैं।
पिछले साल वित्त मंत्री ने 1 लाख 47 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया था। इस बजट में महतारी वंदन योजना, बड़े शहरों में फ्री वाई-फाई के साथ टूरिज्म को लेकर भी कई ऐलान हो सकते हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार महतारी वंदन योजना चला रही है। महिलाओं को सीधे उनके खाते में हर महीने 1 हजार रुपए दिए जाते हैं। फिलहाल इसका फायदा लगभग 70 लाख महिलाओं को मिल रहा है। नए बजट में इस योजना के लिए आगे और बजट बढ़ाया जा सकता है।
सरकार 70 लाख से भी ज्यादा महिलाओं को अब 1 हजार रुपए हर महीने देगी। महिलाओं के लिए योजना में सरकार अपना बजट भी बढ़ा सकती है। 2024-25 के बजट में इस योजना के लिए 3 हजार करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है।
आने वाले बजट में प्रदेश के बड़े शहरों में को-वर्किंग स्पेस, फ्री वाई-फाई की सुविधा, कॉल सेंटर, अलग-अलग जिलों में सेंट्रल लाइब्रेरी स्टडी सेंटर जैसी सुविधा शुरू करने की घोषणा सरकार कर सकती है। छत्तीसगढ़ के युवाओं को गांव में उनके स्किल के हिसाब से लघु उद्योगों से जोड़ा जा सकता है। सरकार ऐसे युवाओं को लोन देकर खुद का काम शुरू करने में मदद करेगी।
छत्तीसगढ़ के बस्तर, सरगुजा जैसे इलाकों में सड़क और पुल-पुलिया निर्माण पर सरकार फोकस कर सकती है। इन इलाकों में स्कूल, कॉलेज की नई बिल्डिंग बनाना, सरकारी दफ्तरों की मरम्मत करना, इस तरह के इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट से जुड़े काम का ऐलान हो सकता है। 2025 को सरकार अटल निर्माण वर्ष के तौर पर मना रही है, इस वजह से कंस्ट्रक्शन से जुड़े कई नए प्रोजेक्ट मिलने की ज्यादा संभावना है
नए बजट में सरकार का फोकस पर्यटन क्षेत्र में ज्यादा हो सकता है। प्रदेश के अलग-अलग पर्यटक स्थलों का सौंदर्यीकरण, उनमें रहने खाने की व्यवस्था को और बेहतर करना, स्थानीय लोगों को पर्यटन के रोजगार से जोड़ने पर जोर होगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था- नई योजना लॉन्च हो सकती है
गांव के लोगों के लिए नई योजनाएं सरकार ला सकती है। इसमें नए कामों से किसानों और महिलाओं को जोड़ा जाएगा। प्रोडक्ट तैयार करने जैसे काम होंगे, बदले में उन प्रोडक्ट को सरकार मार्केट देगी। इसका मुनाफा गांव की महिलाओं-पुरुषों को दिया जाएगा।
Click this: लैटस्ट खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करे
स्वास्थ्य- छोटे-छोटे क्लिनिक शुरू हो सकते
अभी छत्तीसगढ़ के दूर-दराज के गांव में स्वास्थ्य सुविधाएं अच्छी तरह से उपलब्ध नहीं है। इस बजट सत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए मशीनरी से लेकर नए स्वास्थ्य केंद्र खोले जाने का ऐलान हो सकता है। ऐसे में विस्तार किए जाने पर स्टाफ की भर्ती से जुड़ी घोषणाएं भी हो सकती हैं। शहरों में छोटे-छोटे क्लिनिक शुरू करने, एम्बुलेंस की सुविधा को बढ़ाने से जुड़ी घोषणा हो सकती है।
एजुकेशन- शिक्षक भर्ती का ऐलान संभव
छत्तीसगढ़ में नई एजुकेशन पॉलिसी लागू की गई है। बहुत से स्कूल जर्जर हालत में है, जिन्हें मरम्मत की आवश्यकता है। सरकार ऐसे स्कूलों को नए अंदाज में रिनोवेट करने पर फोकस कर रही है। स्कूलों में लंबे समय से कई शिक्षकों की भर्ती भी लंबित पड़ी है, शिक्षकों की भर्ती का ऐलान भी हो सकता है। शिक्षा विभाग फिलहाल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के पास है ऐसे में मुख्यमंत्री से जुड़े विभागों में बेहतर घोषणाओं की उम्मीद है।
प्रशासन- कई सरकारी काम ऑनलाइन करने की तैयारी
Budget Session: छत्तीसगढ़ के सरकारी विभागों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी है। माना जा रहा है कि जिन कामों के लिए आम आदमी को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, ऐसे कामों को ऑनलाइन किया जाएगा।
कहीं से भी इन दफ्तरों में सर्टिफिकेट बनवाने या लाइसेंस लेने के लिए लोगों को चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, सरकार इसके पीछे घूसखोरी पर लगाम कसने की कोशिश भी कर रही है। इसी मकसद से इन कामों को पूरी तरह से ऑनलाइन करने की कोशिश हो सकती है। इसके अलावा टैक्स वसूली को भी कड़ा करने की तैयारी है।
