केंद्रीय बजट 2026 में आम करदाताओं को टैक्स स्लैब में किसी तरह की राहत तो नहीं मिली, लेकिन सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर खुलकर दांव लगाया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में 85 मिनट के बजट भाषण में साफ किया कि इनकम टैक्स की दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन कैंसर मरीजों को बड़ी राहत देते हुए 17 जरूरी दवाओं को कस्टम ड्यूटी से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है।
वित्त मंत्री ने बताया कि देश में 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे और आयुर्वेद को मुख्यधारा में लाने के लिए 3 नए आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना की जाएगी। बजट के जरिए सरकार ने यह संकेत दिया है कि फोकस खपत से ज्यादा निवेश और दीर्घकालिक विकास पर रहेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर सबसे बड़ा जोर
बजट 2026-27 में सरकार ने पूंजीगत खर्च (कैपेक्स) को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। यह पिछले साल के मुकाबले एक लाख करोड़ रुपये ज्यादा है। सड़क, रेलवे और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने के लिए यह रकम खर्च की जाएगी।
पश्चिम बंगाल के डानकुनी तक एक नए फ्रेट कॉरिडोर की भी घोषणा की गई है, जिससे माल ढुलाई तेज होगी और उद्योगों को सीधा फायदा मिलेगा।
हाईस्पीड रेल और रेयर अर्थ कॉरिडोर
सरकार देश के अलग-अलग हिस्सों में 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाएगी, जिससे लंबी दूरी की यात्रा का समय घटेगा। इसके साथ ही केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में रेयर अर्थ मिनरल्स के लिए विशेष कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। यह कदम इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी सेक्टर के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
स्वास्थ्य और फार्मा सेक्टर को राहत
कैंसर की 17 दवाओं को कस्टम ड्यूटी फ्री करने का फैसला बजट की बड़ी राहतों में शामिल है। इसके अलावा दवा क्षेत्र में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से ‘बायो-फार्मा शक्ति’ योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत तीन नए संस्थान खोले जाएंगे।
मेक इन इंडिया और चिप मैन्युफैक्चरिंग
भारत सरकार सेमीकंडक्टर सेक्टर को रफ्तार देने के लिए ISM 2.0 लॉन्च करेगी। वहीं मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बजट आवंटन बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। टेक्सटाइल सेक्टर में भी बड़े पार्क विकसित करने की घोषणा की गई है।
इन 6 क्षेत्रों पर रहेगा सरकार का फोकस
सरकार ने साफ किया है कि आने वाले समय में रणनीतिक मैन्युफैक्चरिंग, पुराने उद्योगों के पुनरुद्धार, MSME को ग्लोबल लेवल पर मजबूत करने, इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्थिक सुरक्षा और शहरों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
तीन विजन, एक दिशा
बजट का विजन तीन शब्दों में बताया गया—रफ्तार, क्षमता और सबका साथ। यानी उत्पादकता बढ़ाकर विकास को तेज करना, लोगों की स्किल बढ़ाना और हर वर्ग तक अवसर पहुंचाना।
अर्थव्यवस्था पर सरकार का दावा
वित्त मंत्री ने कहा कि बीते 12 सालों में अर्थव्यवस्था स्थिर रही है और महंगाई नियंत्रण में है। भारत करीब 7 फीसदी की विकास दर के साथ आगे बढ़ रहा है। वैश्विक स्तर पर ट्रेड और सप्लाई चेन की चुनौतियों के बीच भी सरकार ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य पर अडिग है।
अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि बजट की इन घोषणाओं का जमीन पर असर कितनी तेजी से दिखता है और आम आदमी को इसका फायदा कब तक मिल पाता है।
