brihaspati gocar 2025 effects remedies : पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से जानें इसके प्रभाव और उपाय।
brihaspati gocar 2025 effects remedies : बृहस्पति 14 मई 2025 को मिथुन राशि में अपना गोचर शुरू करेगा और 1 जून 2026 को कर्क राशि में चला जाएगा। इस दौरान, बृहस्पति अक्टूबर 2025 में कर्क राशि में चला जाएगा, दिसंबर 2025 में मिथुन राशि में वापस आएगा और फिर 1 जून 2026 को कर्क राशि में चला जाएगा। जब बृहस्पति एक वर्ष में तीन बार अपनी राशि बदलता है, तो इसे बृहस्पति का गोचर कहा जाता है।
बृहस्पति गोचर के प्रभाव
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वित्तीय समस्याएं:
- बृहस्पति गोचर के दौरान, कुछ राशियों के लोग वित्तीय समस्याओं का सामना कर सकते हैं। यह आमदनी में कमी, अचानक खर्चों और निवेश में नुकसान के रूप में हो सकता है
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शिक्षा में बाधाएं:
- छात्रों के लिए, बृहस्पति गोचर पढ़ाई में बाधाएं ला सकता है। यह कॉन्संट्रेशन की कमी, परीक्षाओं में खराब प्रदर्शन और शैक्षणिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में दिक्कतें शामिल हो सकता है
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स्वास्थ्य समस्याएं:
- बृहस्पति गोचर के दौरान, कुछ लोगों को स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। यह आम थकान, मानसिक तनाव और लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों के रूप में हो सकता है
बृहस्पति गोचर के प्रभाव
इस गोचर के दौरान कुछ बड़े देशों के बीच महायुद्ध होने की संभावना है। चीन, अमेरिका, इजराइल, इराक, रूस, यूक्रेन, अफगानिस्तान और पाकिस्तान जैसे देश इस विश्व युद्ध में शामिल हो सकते हैं। इतिहास में भी, बृहस्पति के गोचर के दौरान महाभारत युद्ध, द्वितीय विश्व युद्ध और 1947 में भारत की आजादी से पहले के युद्ध हुए थे।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
इस दौरान भूमि, सोना, चांदी में भारी उथल-पुथल होगी। विशेषकर शेयर बाजार के खिलाड़ियों को मई, जून, अक्टूबर और दिसंबर 2025 के दौरान सावधान रहना होगा। आर्थिक अस्थिरता और बाजार में भारी उतार-चढ़ाव की संभावना है।
पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा की राय
भोपाल निवासी पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा ने अंग्रेजी तिथि और चंद्र राशि के अनुसार जन्म लेने वाले लोगों के बारे में खास रोचक बातें बताई हैं। उनके अनुसार, गुरु के अत्यधिक भ्रमण के दौरान परेशान रहने वाले लोगों को मंदिर में गोत्र मंत्र श्री यंत्र की पूजा करनी चाहिए। इससे व्यक्ति बृहस्पति की प्रतिकूल चाल के दुष्प्रभाव से मुक्त रहता है।
बृहस्पति गोचर से बचने के उपाय
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मंत्र जाप:
- बृहस्पति मंत्र का जाप करना बृहस्पति ग्रह के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने में मददगार होता है। बृहस्पति गायत्री मंत्र का नियमित रूप से जाप करने से मानसिक शांति और सकारात्मकता मिलती है
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दान-पुण्य:
- पीले वस्त्र, हल्दी, चना दान करने से बृहस्पति की कृपा प्राप्त होती है। गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा करना भी बृहस्पति को प्रसन्न करता है 4.
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पूजा-पाठ:
- मंदिर में बृहस्पति की पूजा करना और श्री यंत्र की स्थापना करना बृहस्पति ग्रह के प्रतिकूल प्रभावों से बचाव करता है 4.
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आहार संबंधी सुझाव:
- गन्ने की गुड़ और केले का सेवन करना बृहस्पति ग्रह को शांत करता है। पीले रंग के खाद्य पदार्थों का सेवन करना भी लाभकारी होता है 5.
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रत्न धारण:
- पीला सफायर या पीला टोपाज़ पहनना बृहस्पति ग्रह के प्रतिकूल प्रभावों को कम करता है
नकारात्मक प्रभावों से बचा जा सकता है
बृहस्पति का गोचर एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना है जो विश्व भर में बड़े परिवर्तन ला सकती है। पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा की सलाह के अनुसार, सावधानी बरतने और उपायों का पालन करने से इस दौरान होने वाले नकारात्मक प्रभावों से बचा जा सकता है।
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