भोपाल बुजुर्ग शिकारा सैर: भोपाल के बड़ा तालाब किनारे बोट क्लब पर खास नजारा देखने को मिला। वृद्धाश्रम “अपना घर” के 24 बुजुर्गों ने शिकारा की सवारी कर तालाब के बीच बहती ठंडी हवा और चारों ओर फैली हरियाली का आनंद लिया। इस सैर में महापौर मालती राय भी उनके साथ शिकारा में सवार रहीं।
भोपाल बुजुर्ग शिकारा सैर: कश्मीर जैसी खूबसूरती का अहसास
अपना घर की संचालिका माधुरी मिश्रा ने बताया कि तालाब की शांतिपूर्ण झील और हरियाली ने बुजुर्गों को ऐसा अनुभव कराया मानो कश्मीर की वादियां भोपाल में उतर आई हों। बुजुर्गों ने न केवल तालाब की सुंदरता देखी, बल्कि एक-दूसरे से बातचीत कर यादें साझा कीं और इस खास मौके की तस्वीरें भी खिंचवाई। कई दादा-दादी ने इसे अपने जीवन का यादगार अनुभव बताया।
भोपाल बुजुर्ग शिकारा सैर: महापौर ने बुजुर्गों के सम्मान और खुशी पर जोर दिया
महापौर मालती राय ने कहा, बुजुर्ग समाज की असली धरोहर हैं। उनके सम्मान, मनोरंजन और सामाजिक जुड़ाव के लिए ऐसे कार्यक्रम जरूरी हैं। ऐसे प्रयासों से उनमें सकारात्मक ऊर्जा और आत्मीयता का भाव बढ़ता है।”
“अपना घर” का मकसद
कार्यक्रम में उपस्थित आयोजकों ने बताया कि अपना घर का मकसद बुजुर्गों को केवल आश्रय देना नहीं, बल्कि उन्हें खुशहाल, सक्रिय और सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है। बोट क्लब में हुई यह शिकारा सैर इसी सोच का हिस्सा रही, जिसने बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्कान और दिल में नई यादें जोड़ दीं।
