कल्पना कीजिए: हड्डी टूटे और डॉक्टर बोले- बस 3 मिनट दीजिए
आप फुटबॉल खेल रहे हैं, पैर मुड़ा, तेज़ दर्द और फिर वही पुरानी कहानी एक्स-रे, प्लास्टर, महीनों की बेड़ियाँ, चलने की जद्दोजहद...
लेकिन अब सोचिए, अगर डॉक्टर बोले कि “हड्डी टूटी है, लेकिन चिंता न करें, 3 मिनट में जोड़ देंगे”, तो?
जी हाँ, यह कोई साइंस फिक्शन नहीं है, बल्कि चीनी वैज्ञानिकों की एक ताज़ा खोज है, जो मेडिकल फील्ड में नई उम्मीद की किरण बनकर आई है।
क्या है ये जादुई गोंद?
चीनी वैज्ञानिकों ने एक ऐसा लिक्विड बायो-कम्पैटिबल गोंद विकसित किया है जो टूटी हड्डियों को महज़ 2 से 3 मिनट में जोड़ सकता है। इस गोंद को टूटी हुई हड्डी के दो सिरों के बीच लगाया जाता है, और फिर कुछ ही मिनटों में यह इतना मज़बूत बंधन बना लेता है कि प्लास्टर या स्क्रू की जरूरत ही नहीं पड़ती। इस तकनीक का नाम फिलहाल "Tissue-Adhesive Liquid Bone Glue" बताया जा रहा है और इसे खास तौर पर ह्यूमन बोन टिश्यू के साथ कंपैटिबल बनाने पर फोकस किया गया है।कैसे करता है काम?
- इस गोंद को एक तरह का बायोमैटेरियल माना जा रहा है, जो शरीर में मौजूद कैल्शियम और फॉस्फेट के साथ मिलकर एक नैचुरल बोन-जैसी संरचना बनाता है।
- यह न सिर्फ हड्डी को जोड़ता है, बल्कि उसकी रिकवरी को भी तेज़ करता है।
- इसके इस्तेमाल के बाद हड्डी के चारों ओर नया बोन टिश्यू विकसित होने लगता है बिलकुल उसी तरह जैसे पेड़ के कटे हिस्से पर नई छाल चढ़ती है।
किसके लिए फायदेमंद है?
बुजुर्ग लोग, जिनकी हड्डियाँ कमजोर होती हैं और फ्रैक्चर जल्दी होते हैं। बच्चे, जिनका शरीर तेजी से बढ़ रहा होता है, और लंबे प्लास्टर का असर ग्रोथ पर पड़ता है। खिलाड़ी, जिन्हें बार-बार चोट लगती है और जिन्हें जल्दी रिकवरी चाहिए। और वो लाखों लोग जिनकी हड्डियाँ जुड़ने में महीनों लग जाते हैं।क्या ये भारत में उपलब्ध होगा?
अभी यह तकनीक प्री-क्लिनिकल ट्रायल स्टेज में है और चीन में ही टेस्टिंग चल रही है। लेकिन उम्मीद की जा रही है कि जैसे ही इसके ह्यूमन ट्रायल्स सफल होते हैं, दुनिया के बाकी देशों में भी इसे इंट्रोड्यूस किया जाएगा।
भारत जैसे देश में, जहां लाखों लोग एक्सीडेंट्स और फ्रैक्चर से जूझते हैं, यह तकनीक वरदान बन सकती है।