समाज निर्माण में श्रमिकों की भूमिका को मिली नई दिश
BMS 70th Anniversary Haridwar Conference: हरिद्वार में आयोजित ‘युवा कार्यकर्ता सम्मेलन’ और “स्वर्णिम 70 वर्ष” समापन समारोह में देशभर से जुटे युवाओं और श्रमिक कार्यकर्ताओं ने भारतीय मजदूर संघ (BMS) के संघर्ष और सेवा के 70 वर्षों को गर्व से याद किया। उत्तराखंड इकाई की मेज़बानी में हुए इस भव्य आयोजन में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने श्रमिक हितों को लेकर किए गए ऐतिहासिक आंदोलनों को रेखांकित किया।
BMS: एक विचारधारा, जो श्रमिक को केवल मजदूर नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माता मानती है
समापन समारोह में वक्ताओं ने ज़ोर दिया कि BMS का उद्देश्य केवल मजदूरी में वृद्धि तक सीमित नहीं, बल्कि श्रमिकों को सामाजिक, आर्थिक और वैचारिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि आज देश को ऐसे युवा कार्यकर्ताओं की ज़रूरत है जो राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखकर काम करें।

युवाओं को जोड़ा संगठन के भविष्य से
युवा कार्यकर्ता सम्मेलन में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। उन्हें संगठन की कार्यप्रणाली, मूल सिद्धांतों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक किया गया। कार्यशालाओं, संवाद सत्रों और प्रेरणादायी भाषणों के माध्यम से युवाओं में संगठनात्मक भावना को प्रबल किया गया।
read more: सीएम साय बने गजपति महाराजा
उत्तराखंड BMS ने दिखाई संगठन क्षमता
इस आयोजन ने उत्तराखंड की भारतीय मजदूर संघ इकाई की संगठनात्मक ताकत को प्रदर्शित किया। हरिद्वार जैसे आध्यात्मिक शहर में एक साथ हज़ारों कार्यकर्ताओं का एकत्रित होना यह दिखाता है कि श्रमिक आंदोलन अब केवल मांगों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह विचारधारा का आंदोलन बन चुका है।
संघर्ष से सेवा तक: BMS का 70 साल का गौरवपूर्ण सफर
BMS 70th Anniversary Haridwar Conference: कार्यक्रम के अंतिम चरण में BMS के 70 वर्षों की यात्रा को डॉक्यूमेंट्री और चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इसमें बताया गया कि कैसे 1955 में स्थापित हुआ यह संगठन अब एशिया का सबसे बड़ा श्रमिक संगठन बन चुका है। कार्यकर्ताओं ने यह संकल्प लिया कि अगले 30 वर्षों में ‘सशक्त भारत’ की नींव श्रमिकों के हाथों से रखी जाएगी।
read more: सीएम योगी ने लगाया जनता दर्शन दरबार,दिए समाधान के निर्देश
