Black Raisins vs Golden Raisins: किशमिश एक ऐसी ड्राई फ्रूट है जो लगभग हर भारतीय घर में पाई जाती है। इसे हेल्दी स्नैक माना जाता है और आयुर्वेद में इसे ऊर्जा और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला माना गया है। लेकिन अक्सर लोग एक सवाल पूछते हैं – कौन सी किशमिश ज्यादा फायदेमंद होती है, गोल्डन (पीली) या ब्लैक (काली) किशमिश? न्यूट्रिशनिस्ट दीपशिखा जैन के अनुसार, दोनों ही सेहत के लिए फायदेमंद हैं लेकिन इनकी खूबियां अलग–अलग हैं। आइए जानते हैं विस्तार से…
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गोल्डन और ब्लैक किशमिश में क्या अंतर है?
गोल्डन और काली किशमिश दिखने में चाहे एक जैसी लगती हों, लेकिन दोनों के बीच कई महत्वपूर्ण अंतर होते हैं। गोल्डन किशमिश सल्फर डाइऑक्साइड की प्रक्रिया से सुखाई जाती है, जिसकी वजह से इसका रंग हल्का सुनहरा रहता है और इसका टेक्सचर भी नरम होता है। इसका स्वाद हल्का मीठा और मुलायम होता है, इसलिए इसे मिठाइयों और बेकरी आइटम्स में ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है।

वहीं काली किशमिश पूरी तरह प्राकृतिक तरीके से धूप में सुखाई जाती है। इसमें किसी भी तरह का केमिकल इस्तेमाल नहीं होता, इसी कारण यह ज्यादा पौष्टिक मानी जाती है। इसका रंग गहरा भूरा या काला होता है और इसका स्वाद थोड़ा देसी, गहरा और हल्का खट्टापन लिए होता है। पोषण की बात करें तो काली किशमिश में आयरन और एंटीऑक्सिडेंट्स की मात्रा गोल्डन किशमिश की तुलना में अधिक पाई जाती है, जबकि गोल्डन किशमिश एनर्जी और पाचन के लिए उपयोगी मानी जाती है। इसीलिए गोल्डन किशमिश ज्यादा तर मिठाइयों में डाली जाती है, जबकि काली किशमिश को हेल्थ डाइट में शामिल करना अधिक फायदेमंद माना जाता है।
थायरॉयड मरीजों के लिए फायदेमंद…
न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार गोल्डन किशमिश थायरॉयड बैलेंस करने में मदद करती है। सुबह खाली पेट भिगोकर खाने से फायदा मिलता है।
पाचन में सुधार…
इसमें मौजूद फाइबर कब्ज और पाचन संबंधी समस्याओं में राहत देता है।
बॉडी डिटॉक्स में मददगार…
गोल्डन किशमिश शरीर से अशुद्धियाँ निकालने में भी मदद करती है।
हड्डियां मजबूत बनाएं…
यह कैल्शियम और बोरॉन से भरपूर होती है, जो हड्डियों को मजबूत करते हैं।
ऊर्जा का स्रोत…
गोल्डन किशमिश तुरंत एनर्जी देने का काम करती है, खासकर बच्चों और खिलाड़ियों के लिए उपयोगी।

काली किशमिश के फायदे
खून की कमी दूर करे…
काली किशमिश आयरन का नेचुरल स्रोत है। रोज 6–7 किशमिश खाने से हीमोग्लोबिन बढ़ता है।
स्किन को बनाती है ग्लोइंग…
इसमें अधिक मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जो स्किन एजिंग को धीमा करते हैं।
दिल को रखती है स्वस्थ..
यह कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित कर हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को कम करती है।
वजन घटाने में मददगार…
इसमें नेचुरल शुगर होती है जो मीठा खाने की क्रेविंग कम करती है।
इम्यूनिटी बढ़ाए…
काली किशमिश में विटामिन B और आयरन होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।

किशमिश के नुकसान (Side Effects)
अगर सीमित मात्रा में न खाई जाए तो किशमिश कुछ नुकसान भी पहुंचा सकती है:
1. अधिक कैलोरी होने से वजन बढ़ा सकती है।
2. ब्लड शुगर लेवल बढ़ा सकती है (डायबिटिक मरीज सावधान रहें)
3. सल्फर वाले गोल्डन किशमिश से एलर्जी हो सकती है।
4. अत्यधिक सेवन से दस्त या पेट दर्द की समस्या।
5. दांतों में कीड़ा लगने की संभावना बढ़ती है।
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किसे खानी चाहिए – गोल्डन या ब्लैक किशमिश?
1. थायरॉयड – गोल्डन किशमिश
2. एनीमिया – काली किशमिश
3. वजन घटाना – काली किशमिश
4. पाचन समस्या – गोल्डन किशमिश
5. स्किन ग्लो – काली किशमिश

खाने का सही तरीका…
1. रात में 6–8 किशमिश पानी में भिगो दें।
2. सुबह खाली पेट खाएं।
3. गर्म पानी के साथ लेना ज्यादा फायदेमंद।
4. चीनी वाले डाइट में किशमिश को मॉडरेट मात्रा में शामिल करें।
