Birsa Munda Utsav Jabalpur 2025 : जबलपुर में आगामी 15 नवंबर को जनजातीय नायक बिरसा मुंडा की जयंती पर बिरसा मुंडा उत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम पूरे प्रदेश में जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाएगा। राज्य सरकार ने इस बार जबलपुर को मुख्य आयोजन स्थल चुना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस उत्सव को दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से संबोधित करेंगे। वहीं, इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री, मंत्रीमंडल के सदस्य और बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
बिरसा मुंडा की विरासत को याद करेगा मध्यप्रदेश
राज्यभर में जनजातीय गौरव दिवस मनाने की परंपरा वर्ष 2021 से शुरू हुई थी, जब केंद्र सरकार ने बिरसा मुंडा की जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी। बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ अपने समाज के अधिकारों और जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष किया था। मध्यप्रदेश सरकार उनके योगदान को जन-जागरण और विकास के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत कर रही है।
जबलपुर के आयोजन में जनजातीय संस्कृति, लोककला, हस्तशिल्प, लोकनृत्य और पारंपरिक खेलों का प्रदर्शन होगा। साथ ही आदिवासी समुदाय की महिलाओं के लिए स्वरोजगार और शिक्षा से जुड़े प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
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पीएम मोदी का वर्चुअल संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेगा। उनका संदेश जनजातीय समाज के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को बल देगा। प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनजातीय कल्याण से जुड़ी योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा करेंगे।
राज्य सरकार के सूत्रों के अनुसार, जबलपुर के अलावा मंडला, बालाघाट, उमरिया, डिंडोरी और छिंदवाड़ा जैसे जिलों में भी उप-कार्यक्रम होंगे, जिनसे लाखों लोग जुड़ेंगे।
भाजपा संगठन में हलचल
10 नवंबर को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष भोपाल पहुंचेंगे। उनके आगमन को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वे प्रदेश संगठन, जनजातीय क्षेत्रों की रणनीति और आगामी नगर निकाय व पंचायत चुनावों की तैयारियों पर समीक्षा करेंगे।
सूत्रों का कहना है कि बीएल संतोष प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों और संगठन की एकता को लेकर भी कुछ अहम दिशा-निर्देश देंगे। संभव है कि वह जनजातीय समाज से जुड़े कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों पर विशेष जोर दें।
जनजातीय समाज को साधने की रणनीति
मध्यप्रदेश में लगभग 21 प्रतिशत आबादी जनजातीय समुदाय की है, जो राज्य की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाती है। 2023 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने जनजातीय वर्ग के बीच कई कल्याणकारी योजनाओं और संपर्क अभियानों के जरिए मजबूत पकड़ बनाई थी। अब बिरसा मुंडा उत्सव को आने वाले चुनावों से पहले जनसंपर्क और सामाजिक संवाद के बड़े मंच के तौर पर देखा जा रहा है।
सरकार की ओर से इस आयोजन के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। जबलपुर में सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनी, और जनजातीय उत्पादों की बिक्री के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान किया जाएगा। सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन ने विशेष योजना बनाई है।
बिरसा मुंडा उत्सव न सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा, बल्कि यह राज्य और केंद्र सरकार के लिए आदिवासी समाज के साथ संवाद का अवसर बनेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संदेश और बीएल संतोष का आगमन राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
