Birsa Munda Jail dance video: झारखंड की राजधानी रांची स्थित भगवान बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार, होटवार एक बार फिर सुर्खियों में है। सोशल मीडिया पर जेल के अंदर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दो कैदी डांस करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में दिख रहे कैदियों की पहचान शराब घोटाले के आरोपी विधु गुप्ता और जीएसटी घोटाले के आरोपी विक्की भालोटिया के रूप में हुई है।

जेल के हॉल में डांस पार्टी
वायरल वीडियो में दोनों आरोपी कैदी हाफ पैंट, टी-शर्ट और गमछा में नजर आ रहे हैं और फिल्मी गानों पर ठुमके लगाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि आसपास कुछ लोग भी खड़े होकर इस डांस का आनंद ले रहे हैं। हॉल के एक कोने में एक व्यक्ति कुर्सी पर बैठकर खाना खाते हुए भी नजर आता है, जो यह दर्शाता है कि यह जेल के किसी विशेष वार्ड या हॉल में शूट किया गया वीडियो है।
अधिकारियों के मुताबिक, यह वीडियो कुछ महीने पुराना बताया जा रहा है और जिस जगह यह शूट हुआ, वह जेल का मनोरंजन हॉल है, जहां कुछ कैदियों को एसी, कुलर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

Birsa Munda Jail dance video: 2 अधिकारियों पर कार्रवाई
वीडियो वायरल होने के बाद जेल प्रशासन ने बयान जारी करते हुए कहा कि यह ताजा घटना नहीं है, बल्कि कई महीने पुराना वीडियो है। वीडियो सामने आने के बाद जेल प्रशासन और गृह विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जेलर देवनाथ राम और जमादार विनोद कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
जेल में “पैसे से मिलती सुविधा”
सूत्र बताते हैं कि बिरसा मुंडा जेल में लंबे समय से यह आरोप लगता रहा है कि यहां पैसे के बल पर नियम बदल दिए जाते हैं। रसूखदार कैदियों को मोबाइल, खाना, अलग वार्ड, एसी, यहां तक कि बाहर से मंगाए गए कपड़े तक उपलब्ध कराए जाते हैं। इसका एक हिस्सा जेल के बाहर से चलने वाले गैरकानूनी नेटवर्क के जरिए संचालित होता है। जेल में बंद कुछ नामचीन अपराधी और आर्थिक घोटालों में फंसे आरोपी इस नेटवर्क के जरिए जेल में आरामदायक जीवन बिताते हैं।
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हाई-प्रोफाइल कैदियों के लिए विशेष सुविधाएं
Birsa Munda Jail dance video: यह कोई पहला मौका नहीं है जब भगवान बिरसा मुंडा जेल में विशेष सुविधाएं दिए जाने का मामला सामने आया हो। रिपोर्ट्स के अनुसार, जेल में कई ऐसे विशेष वार्ड बने हुए हैं, जहां रसूखदार कैदियों को पैसे देकर रहने की सुविधा दी जाती है। इन वार्डों में प्रवेश के लिए एंट्री फीस ली जाती है और हर महीने एक निर्धारित राशि खर्च करनी पड़ती है। जेल के भीतर यह व्यवस्था कई अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से चलती है। बताया जा रहा है कि जेल के अंदर और बाहर सक्रिय सिंडिकेट नेटवर्क मिलकर इन हाई-प्रोफाइल कैदियों को सुविधाएं उपलब्ध कराता है।
