Bimstec Summit 2025 : PM मोदी ने बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में लिया हिस्सा
Bimstec Summit 2025 : 4 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की थाईलैंड यात्रा का दूसरा दिन था, जिसमें वे बिम्सटेक (Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation) देशों के छठे शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए पहुंचे। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी को थाईलैंड के प्रधानमंत्री फत्तना शिनवात्रा द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
बांग्लादेशी मुख्य सलाहकार से पहली मुलाकात
आज के शिखर सम्मेलन के बाद, प्रधानमंत्री मोदी और बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के बीच महत्वपूर्ण चर्चा की संभावना थी। दिलचस्प यह है कि पिछले वर्ष अगस्त में बांग्लादेश में हुए तख्तापलट के बाद, यह पहली बार था जब भारतीय प्रधानमंत्री और बांग्लादेशी सरकार के मुख्य सलाहकार के बीच मुलाकात हुई।

इस ऐतिहासिक मुलाकात को लेकर दोनों देशों के रिश्तों में एक नई दिशा की उम्मीद जताई जा रही है। दोनों नेताओं को कल रात बिम्सटेक रात्रिभोज में एक साथ देखा गया था, जो कि इस मुलाकात के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
म्यांमार के सैन्य नेता से मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी ने बिम्सटेक शिखर सम्मेलन से पहले म्यांमार के सैन्य नेता जनरल मिन आंग ह्लाइंग से भी मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान, मोदी ने म्यांमार में हाल ही में आए भूकंप में मारे गए लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत म्यांमार की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है और संकट की इस घड़ी में वे पूरी तरह से म्यांमार के साथ खड़े हैं।
भारत का बिम्सटेक के प्रति समर्थन
बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत का दृढ़ समर्थन और सहयोग व्यक्त किया। बिम्सटेक संगठन का उद्देश्य बंगाल की खाड़ी के आसपास के देशों के बीच बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है। प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन में यह भी कहा कि भारत इस संगठन के तहत सहयोग को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
Bimstec Summit 2025
प्रधानमंत्री मोदी की यह थाईलैंड यात्रा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह क्षेत्रीय सुरक्षा, सहयोग और विकास के लिए भी अहम भूमिका निभा रही है। बांग्लादेश और म्यांमार के साथ रिश्तों को आगे बढ़ाने के साथ ही भारत बिम्सटेक जैसे क्षेत्रीय संगठनों के माध्यम से अपने प्रभाव को और विस्तारित करने की कोशिश कर रहा है।
