SAARC में पाकिस्तान की वीटो पावर से बाहर निकलने की राह (Bimstec 2025 India Strategy)
Bimstec 2025 India Strategy : नई दिल्ली, भारत की विदेश नीति में हाल के बदलावों ने यह दिखा दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब BIMSTEC (Bay of Bengal Initiative for Multi Sectoral Technical and Economic Cooperation) पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। इसका मुख्य कारण है SAARC (South Asian Association for Regional Cooperation) में पाकिस्तान की वीटो पावर, जिसने क्षेत्रीय सहयोग को बाधित किया है।
BIMSTEC क्या है?
एक क्षेत्रीय संगठन है, जिसमें 7 सदस्य देश शामिल हैं(BIMSTEC )
- भारत
- बांग्लादेश
- म्यांमार
- श्रीलंका
- थाईलैंड
- भूटान
- नेपाल
यह संगठन बंगाल की खाड़ी के आसपास आर्थिक सहयोग, तकनीकी विकास, और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किया गया था।
SAARC में पाकिस्तान की वीटो पावर की समस्या
भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव के कारण SAARC में प्रगति रुक गई है। पाकिस्तान की वीटो पावर ने भारत के क्षेत्रीय हितों को प्रभावित किया है, जिससे आर्थिक विकास और सहयोग में बाधाएं आई हैं।
इस स्थिति में, भारत ने BIMSTEC को एक नया मंच बनाया है, जहां पाकिस्तान की कोई भूमिका नहीं है। इससे भारत को अपनी रणनीति में अधिक लचीलापन मिला है।
प्रधानमंत्री मोदी का BIMSTEC पर फोकस क्यों?
1. आर्थिक सहयोग को मजबूत करना
BIMSTEC के माध्यम से भारत बांग्लादेश, श्रीलंका, थाईलैंड, और म्यांमार के साथ व्यापारिक संबंधों को बेहतर बना सकता है।
2. कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे में सुधार
कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स जैसे ट्रांसपोर्ट और डिजिटल नेटवर्क को बेहतर बनाने पर भारत का ध्यान है।
3. सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग
क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने के लिए BIMSTEC एक महत्वपूर्ण मंच है।
पाकिस्तान के प्रभाव से बाहर
SAARC के विपरीत, BIMSTEC में पाकिस्तान का कोई हस्तक्षेप नहीं है, जिससे भारत को अपने रणनीतिक हितों पर ध्यान केंद्रित करने की आज़ादी मिलती है।
BIMSTEC 2025 : भारत की रणनीति में एक नया मोड़
BIMSTEC के माध्यम से भारत ने दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया के बीच पुल का काम किया है। यह संगठन भारत को क्षेत्रीय राजनीति में नेतृत्व की भूमिका निभाने का एक नया मंच प्रदान करता है।
- आर्थिक विकास: BIMSTEC के तहत भारत क्षेत्रीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा दे सकता है।
- रक्षा सहयोग: आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयास और सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया जा सकता है।
- सांस्कृतिक और मानवतावादी संबंध: लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने से सांस्कृतिक सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
भारत के लिए BIMSTEC अब केवल एक क्षेत्रीय संगठन नहीं, बल्कि एक रणनीतिक मंच बन चुका है, जो भारत को SAARC की सीमाओं से बाहर निकालता है। पीएम मोदी का फोकस BIMSTEC पर स्पष्ट रूप से दिखाता है कि भारत अब क्षेत्रीय विकास और वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है।
Click This:- सटीक, सच्ची और सिर्फ खबर के लिए डाउनलोड करे app
Read More:- Ghibli AI Portrait Privacy Issues : घिबली एआई जेनरेटर पर सेल्फी अपलोड करने से पहले सोचें
