bilawal remarks on hafiz saeed controversy: पाकिस्तान की बेइज्जती कराई, कैसे दुश्मन देश को सौंप सकते हैं नागरिक!
bilawal remarks on hafiz saeed controversy: पाकिस्तान में बड़ा सियासी और रणनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के बेटे तलहा सईद ने पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो पर करारा हमला बोला है।

दरअसल, बिलावल भुट्टो ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर भारत सहयोग करे तो पाकिस्तान हाफिज सईद और मसूद अजहर को सौंपने को तैयार है। इस बयान पर तलहा सईद, जो खुद एक घोषित ग्लोबल आतंकी है, आगबबूला हो गया।
तलहा का बयान: “कैसे कोई अपने नागरिक को दुश्मन को सौंप सकता है?”
तलहा ने कहा,
“बिलावल का बयान पाकिस्तान की पॉलिसी, राष्ट्रीय हित और संप्रभुता के खिलाफ है। क्या कोई नेता अपने नागरिकों को दुश्मन देश को सौंपने की बात कर सकता है?”
तलहा ने दावा किया कि उसके पिता हाफिज सईद ने कभी पाकिस्तान के खिलाफ कोई काम नहीं किया है। उसने बिलावल पर ग्लोबल मंचों पर पाकिस्तान को शर्मिंदा करने का आरोप लगाया।
कौन है तलहा सईद?
- अमेरिका ने अगस्त 2012 में तलहा सईद को ग्लोबल आतंकी घोषित किया था
- वह लश्कर-ए-तैयबा की आइडियोलॉजी फैलाने और भर्ती अभियान का मुख्य चेहरा माना जाता है
- भारत और अमेरिका दोनों ही उसे हाई-प्रोफाइल टेरर नेटवर्क ऑपरेटिव मानते हैं
बिलावल का बयान क्या था?
अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में बिलावल ने कहा था कि:
- पाकिस्तान हाफिज सईद और मसूद अजहर को भारत को सौंपने को तैयार है, अगर भारत कानूनी और कूटनीतिक प्रक्रिया में सहयोग करे
- उन्होंने कहा कि हाफिज सईद लाहौर की जेल में है
- मसूद अजहर के बारे में उन्होंने कहा, “शायद वह अफगानिस्तान में हो”
बिलावल का यह बयान ऑपरेशन सिंदूर के दो महीने बाद आया है, जिसमें भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हमला किया था और मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य मारे गए थे।
हाफिज और अजहर: पाकिस्तान की कुख्यात आतंकी विरासत
हाफिज सईद
- 26/11 मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड
- 2019 से लाहौर की कोट लखपत जेल में टेरर फंडिंग के लिए 33 साल की सजा काट रहा है
- संयुक्त राष्ट्र ने इसे ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया है
मसूद अजहर
- 2001 संसद हमला, 2005 अयोध्या हमला, 2016 पठानकोट और उरी, 2019 पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड
- 2019 में UN ने ग्लोबल आतंकी घोषित किया
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर में उसके परिवार के 10 सदस्य और 4 करीबी सहयोगी मारे गए
- अजहर ने हमले के बाद कहा था, “मैं भी मर जाता तो खुशनसीब होता”
पाक की आंतरिक राजनीति और वैश्विक छवि पर असर
बिलावल का बयान ना केवल आतंकी नीति पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि पाकिस्तान के नेता दबाव में आतंकियों से दूरी दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
- इस बयान से पाकिस्तान में राजनीतिक हलकों में विवाद गहराया
- कट्टरपंथी गुटों और आतंकी नेटवर्कों ने बिलावल पर गद्दारी के आरोप लगाए
एक ओर पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंक के खिलाफ कार्रवाई का दावा करता है, तो दूसरी ओर उसके ही आतंकी संगठन और उनके परिवार सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हैं।
बिलावल के बयान से साफ है कि भारत को लेकर पाकिस्तान का नजरिया अब राजनीतिक दबावों और वैश्विक आलोचनाओं के बीच झूल रहा है।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है:
क्या पाकिस्तान वाकई सईद और अजहर जैसे आतंकी नेताओं को सौंपेगा, या यह सब सिर्फ अंतरराष्ट्रीय दबाव को कम करने की रणनीति है?
Read More :-ICAI ने CA फाउंडेशन, इंटर, और फाइनल रिजल्ट घोषित किया: 50% वाले पास


