वीडियो वायरल, पुलिस की चुप्पी पर सवाल
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रसूख और रईसी का ऐसा नजारा सामने आया, जिसने लोगों को हैरान कर दिया। कुछ प्रभावशाली युवकों ने नई लग्जरी कारें खरीदने के बाद बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे (NH-130) पर कारों का काफिला खड़ा कर दिया और वहीं पर ड्रोन से वीडियो शूट कर इंस्टाग्राम पर रील्स पोस्ट कर दी। इस दौरान हाईवे पर लंबा जाम लग गया, लेकिन किसी की हिम्मत नहीं हुई कि उन्हें कुछ कह सके।
क्या है मामला?
जानकारी के मुताबिक, विनय शर्मा (पूर्व कांग्रेस नेता) के बेटे वेदांश शर्मा ने हाल ही में दो नई लग्जरी कारें खरीदी थीं। नई गाड़ियों के साथ अपनी रईसी और रुतबा दिखाने के लिए वह अपने दोस्तों के साथ टोयोटा शोरूम गया और वहीं से निकलते हुए नेशनल हाईवे पर कारों को रोक कर फोटोशूट व वीडियो शूटिंग शुरू कर दी।इस दौरान ब्लैक कलर की कई महंगी गाड़ियां बीच सड़क पर खड़ी की गईं। बाकायदा स्टूडियो से कैमरामैन और ड्रोन मंगवाया गया ताकि शानदार रील्स बनाई जा सके।
हाईवे जाम, लोग परेशान
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हाईवे पर लगभग 8-10 लग्जरी कारें एक के पीछे एक लाइन से खड़ी हैं। वहीं दूसरी ओर पीछे से आने वाली गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। लोग जाम में फंसे रहे, लेकिन किसी ने विरोध करने की हिम्मत नहीं की क्योंकि कारें राजनीतिक परिवार से जुड़े युवक की थीं।
इंस्टाग्राम पर रील्स पोस्ट, फिर अकाउंट डिलीट
वेदांश शर्मा ने खुद ही इस हाईवे ब्लॉकेज का वीडियो अपनी इंस्टाग्राम आईडी से शेयर किया था। कुछ ही घंटों में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और यूजर्स ने पुलिस को टैग करके कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।हालांकि जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, वेदांश ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी ही डिलीट कर दी। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी — वीडियो के स्क्रीनशॉट्स और क्लिप्स सोशल मीडिया पर घूमने लगे और अब यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
पुलिस की चुप्पी पर सवाल
मामला हिर्री और चकरभाठा थाना क्षेत्र का है। वीडियो में सब कुछ साफ दिखने के बावजूद अब तक किसी भी युवक पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस की चुप्पी पर लोगों ने नाराज़गी जताई है।सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं —
“कानून सिर्फ आम जनता के लिए है, VIP लोगों को छूट मिली हुई है।“
कानून क्या कहता है?
भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 283 (सार्वजनिक रास्ते में बाधा) और मोटर वाहन अधिनियम की धाराओं के अनुसार, सार्वजनिक मार्ग रोकना अपराध की श्रेणी में आता है। इसके लिए जुर्माना और कार की जब्ती से लेकर जेल तक हो सकती है।लेकिन जब आरोपी रसूखदार हों, तो कार्रवाई अक्सर ठंडी पड़ जाती है — यह घटना उसी का उदाहरण बन गई है।
