Bilaspur Congress leader firing : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में कांग्रेस के जनपद पंचायत उपाध्यक्ष नितेश सिंह के निजी कार्यालय के बाहर तीन नकाबपोश बाइक सवार हमलावरों ने अचानक फायरिंग कर दी। आरोपियों ने लगभग 14 राउंड गोलियां चलाईं, लेकिन नितेश सिंह हमले में बाल-बाल बच गए।
घटना का विवरण
मस्तूरी थाना क्षेत्र के नहर पार स्थित कार्यालय के बाहर अचानक फायरिंग शुरू हुई। हमलावरों ने पिस्तौल से गोलियां चलाईं जबकि तीसरा बाइक चलाता रहा। गोलीबारी से दफ्तर में अफरा-तफरी मच गई और लोग आरोपी भाग निकले।
पुलिस की प्रतिक्रिया
पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। पूरे इलाके में नाकेबंदी कराई गई और आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पुरानी रंजिश या राजनीतिक विवाद को हथियार के रूप में देखा जा रहा है।
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पुराने विवाद के चलते वारदात
पुलिस अफसरों ने नीतेश और उसके करीबियों से पूछताछ की। जिसके आधार पुलिस को आशंका है कि हमले के पीछे पुरानी रंजिश वजह हो सकती है। बता दें कि 2023 में श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित मैग्नेटो मॉल के सामने युवा कांग्रेस नेताओं के दो गुटों में लड़ाई हुई थी।आरोप है कि नीतेश और उसके साथियों ने मिलकर युवक कांग्रेस मस्तूरी के उपाध्यक्ष विश्वजीत अनंत और उसके दोस्तों पर नीतेश सिंह और समर्थकों ने हमला किया था। इसे लेकर जमकर बवाल भी हुआ था।
हमलावरों की तलाश जारी
तीन हमलावरों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। वे हेलमेट और नकाब पहनकर आए थे, जिससे उनकी पहचान छिपी रही। पुलिस ने आसपास के इलाकों में दबिश दी है और संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर दिया है।
सामाजिक प्रभाव
बिलासपुर में इस हिंसक घटना ने राजनीतिक हलकों में भारी सनसनी पैदा कर दी है। इस हमले का मकसद केवल डराने-धमकाने का न होकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला माना जा रहा है। नितेश सिंह के समर्थक और पार्टी की ओर से हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।
