15 दिन में लौटाएं राशि
पुलिस विभाग ने घायल पुलिसकर्मियों को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर साढ़े छह लाख रुपये की राशि जमा करने का निर्देश दिया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि यह राशि तय समय में जमा नहीं की गई, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के वेतन से हर माह 20 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। इस अप्रत्याशित आदेश ने उन पुलिसकर्मियों को परेशान कर दिया है, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर अपराधियों का सामना किया था।
Bikaru Massacre: ज्वाइंट सीपी से मुलाकात
नोटिस मिलने के बाद पांचों घायल पुलिसकर्मियों ने ज्वाइंट सीपी (हेडक्वार्टर्स) से मुलाकात की और अपनी समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इस तरह का नोटिस उनके लिए मानसिक और आर्थिक रूप से परेशानी का सबब बन गया है। ज्वाइंट सीपी आशुतोष कुमार ने उन्हें मदद का आश्वासन दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जीवन रक्षा निधि के तहत दी गई राशि एक तरह का लोन है, जिसे बाद में वापस करना होता है। अगर पुलिसकर्मियों ने समय पर राशि जमा नहीं की या आवश्यक कागजात जमा नहीं किए, तो रिकवरी के लिए नोटिस जारी किया जाता है।
जीवन रक्षा निधि
ज्वाइंट सीपी आशुतोष कुमार ने बताया कि जीवन रक्षा निधि एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें सरकार आपात स्थिति में पुलिसकर्मियों के इलाज के लिए तत्काल आर्थिक मदद प्रदान करती है। यह राशि लोन के रूप में दी जाती है, जिसे बाद में संबंधित कर्मचारी को चुकाना होता है। इलाज के बाद आवश्यक कागजात जमा करने पर सरकार इस राशि का हिसाब-किताब करती है। यदि कागजात जमा नहीं किए जाते या कोई अन्य चूक होती है, तो रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की जाती है। इस मामले में भी संभवतः कागजी कार्रवाई में कमी के कारण नोटिस जारी किया गया है।
Bikaru Massacre: सीएम योगी ने की थी मुलाकात
बिकरू कांड के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घायल पुलिसकर्मियों से मुलाकात की थी और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की थी। उन्होंने पुलिसकर्मियों के साहस की सराहना करते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया था। उस समय शासन ने घायल पुलिसकर्मियों के इलाज के लिए साढ़े छह लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की थी। लेकिन अब, पांच साल बाद इस राशि की वसूली का नोटिस पुलिसकर्मियों के लिए निराशाजनक साबित हो रहा है।

इब्ने हसन जैदी की रिपोर्ट
