
2 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस को सूचना मिली थी कि लॉरेंस गैंग के कुछ सदस्य बीकानेर में सक्रिय हैं और किसी बड़ी वारदात की तैयारी कर रहे हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। गुप्त सूत्रों और तकनीकी निगरानी के जरिए दोनों बदमाशों की पहचान की गई। पुलिस ने सटीक रणनीति बनाकर इन गुर्गों को धर दबोचा। गिरफ्तारी के दौरान बदमाशों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की चुस्ती के आगे उनकी एक न चली।
भारी मात्रा में हथियार बरामद
गिरफ्तार किए गए बदमाशों की तलाशी के दौरान पुलिस को 5 पिस्टल, एक मैगजीन और 12 जिंदा कारतूस मिले। ये हथियार उच्च गुणवत्ता के थे, जो यह संकेत देता है कि बदमाश किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि ये हथियार कहां से लाए गए और इनका उपयोग किन-किन वारदातों के लिए किया जाना था। इसके साथ ही, लॉरेंस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में भी छापेमारी की जा रही है।
दोनों बदमाशों पर 25-25 मामले
गिरफ्तार किए गए दोनों बदमाशों पर पहले से ही 25-25 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, लूट, डकैती और अवैध हथियारों से संबंधित मामले शामिल हैं। इनके खिलाफ बीकानेर सहित राजस्थान के अन्य जिलों में भी केस दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, ये बदमाश लॉरेंस गैंग के लिए लंबे समय से काम कर रहे थे और कई संगीन अपराधों में शामिल रहे हैं। इनकी गिरफ्तारी से गैंग की गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ने की उम्मीद है।
हैरी बॉक्सर और श्रवण सोढा का कनेक्शन
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार बदमाशों में से एक का संबंध हैरी बॉक्सर से है, जिसके खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। दूसरा बदमाश श्रवण सोढा से जुड़ा है, जो सोढा गैंग का सरगना माना जाता है। दोनों गैंग्स के बीच आपसी सहयोग की बात भी सामने आ रही है, जिससे यह साफ होता है कि ये अपराधी संगठित तरीके से काम कर रहे थे। पुलिस अब इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की दिशा में काम कर रही है।
Lawrence Gang Arrest Bikaner: बीकानेर में बढ़ाई गई सुरक्षा
इस गिरफ्तारी के बाद बीकानेर में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। पुलिस ने शहर के संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। साथ ही, लॉरेंस गैंग और सोढा गैंग के अन्य सदस्यों की धरपकड़ के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से अपराधियों में डर पैदा होगा और भविष्य में ऐसी वारदातों को रोकने में मदद मिलेगी।
