Bijnor Hindu Muslim Unity: देश के कुछ हिस्सों में जब मजहब के नाम पर नफरत फैलाने की कोशिशें हो रही हैं, ऐसे में उत्तर प्रदेश के बिजनौर के किरतपुर से एक ऐसा उदाहरण सामने आया है, जिसने हिंदू-मुस्लिम एकता की डोर को और भी मजबूत कर दिया। मोहल्ला काजियान निवासी समाजसेवी सफदर नवाज खां ने एक हिंदू लड़की की शादी न सिर्फ अपने खर्च पर कराई, बल्कि उसे एक पिता की तरह निभाते हुए बेटी को विदा भी किया।
सफदर नवाज ने की मदद
यह शादी मंडावर रोड स्थित आवामी बैंक्वेट हॉल में पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई। बता दें कि दुल्हन राखी के पिता गौतम कुमार कई दशकों से सफदर नवाज के लोहे के गोदाम पर काम कर रहे हैं। सफदर नवाज इस परिवार को अपना ही हिस्सा मानते हैं। उन्होंने उन्हें किराए पर एक घर दे रखा है, जिसका किराया तक नहीं लेते। यही नहीं, समय-समय पर बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और आपात स्थिति में हर तरह की मदद भी करते रहे हैं।
हिंदू बेटी की शादी का उठाया पूरा खर्च
चार बेटियों और एक बेटे के पिता गौतम कुमार जब अपनी बड़ी बेटी की शादी को लेकर परेशान थे, तब सफदर नवाज खां ने न केवल उन्हें आर्थिक सहयोग दिया, बल्कि शादी का पूरा खर्च खुद उठाने की जिम्मेदारी भी ली। उन्होंने यह शादी पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ करवाई, जिसमें किसी भी तरह की कोई कमी नहीं रखी गई।
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मुस्लिम समाज ने किया बारात का स्वागत
जब लखीमपुर खीरी से दूल्हा शिवम की बारात पहुंची, तो बैंक्वेट हॉल में मुस्लिम समाज के लोगों ने बारात का दिल खोलकर स्वागत किया। पंडित सुभाष खन्ना ने पूरे वैदिक मंत्रों और हिंदू परंपरा के अनुसार विवाह की रस्में संपन्न कराईं।
इस शादी में दुल्हन को जो दहेज दिया गया, उसमें किसी भी तरह की कोई कमी नहीं थी। दुल्हन राखी ने कहा,
“हम सफदर नवाज खां को बड़े पापा कहते हैं। उन्होंने जो प्यार और दरियादिली मेरी शादी में दिखाई, वह मिसाल बन गई है।”
भावुक पिता गौतम कुमार ने कहा,
“मेरे बड़े भाई जैसे सफदर नवाज खां ने बेटी की शादी कर हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को नया जीवन दिया है।”
Bijnor Hindu Muslim Unity: इंसानियत की मिसाल बनी शादी
इस मौके पर खुद सफदर नवाज खां ने कहा,
“राखी मेरी बेटी के समान है। उसकी शादी मेरा फर्ज था। जब समाज में नफरत फैलाई जा रही है, ऐसे समय में हमें मोहब्बत और इंसानियत की मिसाल कायम करनी चाहिए।”
इस शादी में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के सैकड़ों लोग शामिल हुए और दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद देकर हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल को सलाम किया।
