bijapur naxal attack uncle nephew killed: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खात्मे के बीच एक बार फिर लाल आतंक के कहर की खबर सामने आई. नक्सलियों ने बीजापुर के नेलाकांकेर गांव में देर रात दो ग्रामीणों की धारदार हथियार से हत्या कर दी. पुलिस ने दोनों शव काे पीएम के लिए भेज दिया है. केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है.
मामा-भांजे की धारदार हथियार से हत्या
बीजापुर जिले में माओवादियों ने 2 ग्रामीणों की धारदार हथियार से हत्या कर दी। नेलाकांकेर गांव में शुक्रवार (24 अक्टूबर) रात को नक्सलियों ने 2 युवकों को घर से बाहर बुलाया और मार डाला। दोनों रिश्ते में मामा-भांजे और पड़ोसी हैं। मामला उसूर थाना क्षेत्र का है। मृतकों की पहचान रवि कट्टम और तिरुपति सोढ़ी के रूप में हुई है। मृतक तिरुपति का भाई सीआरपीएफ में जवान है। पुलिस ने आशंका जताई है कि माओवादियों ने बदले की भावना से इस वारदात को अंजाम दिया है।
गृहमंत्री के दौरे के बाद वारदात : bijapur naxal attack uncle nephew killed
घटना प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा के बीजापुर और उसूर क्षेत्र के हालिया दौरे के कुछ दिनों बाद हुई। माना जा रहा है कि माओवादी सुरक्षाबलों और प्रशासनिक गतिविधियों से बौखलाए हुए हैं। इस घटना ने ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
28 सितंबर को की थी युवक की हत्या
इससे पहले, 28 सितंबर को बीजापुर में नक्सलियों ने एक युवक की हत्या कर दी थी। 27 साल का सुरेश कोरसा मनकेली पटेलपारा में रहता था। नक्सलियों ने अंधेरे का फायदा उठाकर सुरेश कोरसा अगवा कर मार डाला।राज्य गठन के बाद से 25 सालों में बस्तर के अलग-अलग जिलों में 1820 से ज्यादा लोगों की हत्या हुई है।
इस साल 9 शिक्षादूतों को मारा
नक्सलियों ने बीजापुर में कुछ दिन पहले 2 शिक्षादूतों की हत्या की थी। इस साल नक्सलियों ने अब तक 9 शिक्षादूतों की हत्या की है। इनमें से 5 बीजापुर जिले में और 4 सुकमा जिले में मारे गए हैं। सभी हत्याओं में नक्सलियों ने मुखबिरी का आरोप लगाया है।
25 साल में 1820 से ज्यादा हत्याएं
बता दें कि, नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से लेकर अब तक यानी पिछले 25 सालों में बस्तर के अलग-अलग जिलों में 1820 से ज्यादा लोगों की हत्या हुई है। इनमें आम नागरिक समेत जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा हत्या बीजापुर जिले में ही हुई है।
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