बस्तर में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे शिक्षादूत लगातार नक्सलियों के निशाने पर आ रहे हैं। बीजापुर जिले के गंगालूर क्षेत्र में नक्सलियों ने एक और शिक्षादूत की हत्या कर दी। इस साल अब तक 9 शिक्षादूत नक्सल हिंसा की भेंट चढ़ चुके हैं।
पहले किडनैप और फिर मर्डर
बीजापुर के गंगालूर क्षेत्र के नेन्द्रा में पदस्थ शिक्षादूत कल्लू ताती को नक्सलियों ने बुधवार शाम स्कूल से आने के दौरान अगवा कर दिया. देर रात कल्लू ताती की हत्या कर शव को सड़क पर फेंक दिया गया है. शिक्षादूत कल्लू ताती तोड़का का रहने वाला था और दूरदराज इलाके के बच्चों को स्कूल में पढ़ाता था. पुलिस अधिकारी ASP चंद्रकांत गवर्ना ने बताया कि 29 और 30 अगस्त 2025 की दरम्यानी रात थाना गंगालूर क्षेत्रान्तर्गत तोड़का निवासी कल्लू ताती पिता मंगल ताती उम्र 25 वर्ष की अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी. कल्लू ताती लेंड्रा में शिक्षादूत के पद पर काम कर रहा था. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
अबतक 9 शिक्षादूतों की हत्या
बस्तर के धुर प्रभावित नक्सल इलाकों में बंद स्कूलों का फिर से संचालन किया जा रहा है. ऐसे स्कूलों में पढ़ाने की जिम्मेदारी वहीं के पढ़े लिखे स्थानीय युवाओं को दी गई है. ऐसे युवा, शिक्षा दूत बनकर स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे हैं. लेकिन इसके बदले में नक्सली उनकी जान ले रहे हैं. इस साल अब तक 9 शिक्षादूतों की हत्या नक्सलियों ने की है. जिसमें बीजापुर जिले में 5 और सुकमा में जिले में 4 शिक्षादूत शामिल है.
शिक्षादूतों की हत्या के मामले
27 अगस्त: सुकमा में नक्सलियों ने शिक्षा दूत की हत्या की. बड़ी संख्या में नक्सली उसके घर पहुंचे और धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया. नक्सलियों ने परिजनों के साथ मारपीट भी की.
15 अगस्त: नारायणपुर जिले में शिक्षादूत की हत्या
15 जुलाई: बीजापुर में नेशनल पार्क इलाके में नक्सलियों ने दो शिक्षा दूतों का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी. दोनों टेकमेटा में पदस्थ थे. दोनों के शव गांव के पास जंगल में फेंके हुए मिले.
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