यूपी में नाव से पहुंची बारात, बिहार में गंगा का कहर, 3500 लोग प्रभावित
बिहार में इस बार मानसून ने जबरदस्त कहर मचाया है। राज्य के भागलपुर जिले में गंगा नदी ने अपनी सीमाएं लांघ दी हैं और 100 से ज्यादा घरों को अपने आगोश में ले लिया है। इस बाढ़ से लगभग 3500 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनके घर और संपत्ति पूरी तरह से तबाह हो चुकी है। ये दृश्य दिल दहला देने वाले हैं, जहाँ लोग अपने घरों को छोड़कर उफनती गंगा से बचने के लिए जान बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

गंगा का यह मंथन न केवल घरों को डूबोने में कामयाब हुआ, बल्कि लोगों की दिनचर्या को भी बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। भागलपुर में 14 जिलों में भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति और भी बिगड़ गई है। अब तक राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए हैं।
उत्तर प्रदेश में नाव से बारात
जब बारिश और बाढ़ किसी भी रूप में सामाजिक जीवन को प्रभावित करती हैं, तो यह न केवल मुसीबतों का कारण बनती है, बल्कि यह एक अनूठी कहानी भी पेश करती है। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के पंखियन की मड़ैया गांव में एक मुस्लिम परिवार की बेटी की शादी थी। लेकिन बाढ़ ने इस खुशी के मौके को एक नई चुनौती दे दी। दूल्हा और उसके 50 रिश्तेदार नाव से बारात लेकर पहुंचे। यह दृश्य बाढ़ के कारण हुई अजीब परिस्थितियों को दर्शाता है, जिसमें परंपराओं और मुश्किलों का अद्भुत मिश्रण था।
बारात का यह अनोखा तरीका उस समय का प्रतीक बन गया, जब नदियाँ और बारिश किसी की जिंदगी के अहम हिस्से में अपनी दखलअंदाजी करती हैं। इस घटना से यह भी साबित होता है कि चाहे स्थिति जितनी भी कठिन हो, मानवता और संस्कृतियां अपनी राह खोज ही लेती हैं।
5 राज्यों में फ्लैश फ्लड का खतरा
मौसम विभाग ने इस समय 5 राज्यों—हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) का खतरा जताया है। इन राज्यों में अगले 24 घंटों में 180 मिमी तक बारिश की संभावना है, जिससे नदी और नाले उफान पर आ सकते हैं।

हिमाचल प्रदेश के शिमला और सिरमौर, उत्तराखंड के नैनीताल, चमोली, पिथौरागढ़, और बिहार के कई जिले अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी है और वहां के नागरिकों से बाढ़ से बचने के लिए जरूरी कदम उठाने का आग्रह किया है।
उत्तराखंड में भारी बारिश: 66 लोग लापता
उत्तराखंड के धराली में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। 5 अगस्त को आए सैलाब में कई लोग अपनी जान गंवा चुके थे। बचाव कार्य अभी भी जारी है, लेकिन 66 लोग लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (GPR) का उपयोग किया जा रहा है ताकि लापता व्यक्तियों का पता लगाया जा सके।
हिमाचल प्रदेश में मानसून से मौतों का आंकड़ा बढ़ा
हिमाचल प्रदेश में मानसून के कारण अब तक 229 लोगों की जान जा चुकी है। 395 सड़कें बंद हैं, जिससे जनजीवन और यात्रा पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। इस कठिन दौर में कई धार्मिक यात्रा स्थलों पर भी यात्रा स्थगित कर दी गई है, जैसे कि केदारनाथ, बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब।

सड़कें ठप, यातायात में समस्या
शिमला में बारिश के कारण धुंध और ठंड बढ़ गई है। बुधवार को शिमला में दृश्यता में कमी आई, जिससे वाहन चालकों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। ये हालात सड़क परिवहन और यातायात पर भी असर डाल रहे हैं, और लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी जा रही है।
बिहार, पश्चिम बंगाल, और सिक्किम: बाढ़ का संकट जारी
बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। इन राज्यों में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है, और भारी बारिश के कारण कई इलाकों में पानी भरने की समस्या बनी हुई है। सिक्किम और पश्चिम बंगाल के कई इलाके प्रभावित हैं, और राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं।
