Bihar Election: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नजदीक आते ही राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। NDA और महागठबंधन दोनों ही अपने-अपने चुनावी मोर्चे पर पूरी ताकत झोंक रहे हैं। गुरुवार को औरंगाबाद के गोह में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की जनसभा आयोजित हुई, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 6 बजे पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे।
इस बीच, महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव ने चार बड़े ऐलान किए हैं, जिनके बाद बीजेपी और JDU ने उन पर निशाना साधा है।
NDA की चुनावी कमान
NDA के बड़े नेताओं ने चुनाव प्रचार की कमान संभाल रखी है। जेपी नड्डा की औरंगाबाद जनसभा में उन्होंने RJD पर तीखा हमला किया। नड्डा ने कहा:
“RJD का मतलब है- रंगदारी, जंगलराज, दादागिरी। जो लोग नौकरी के लिए जमीन ले लेते हैं, वो क्या आपको नौकरी देंगे? जो लोग मां-बहनों की इज्जत नहीं कर सकते, वो क्या आपको सुरक्षा देंगे।”
नड्डा ने अपने भाषण में बिहार के अतीत और वर्तमान का तुलना करते हुए कहा कि उनका जन्म भी पटना में हुआ है और उन्होंने बिहार में अपने बचपन के 20 साल बिताए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अंधकार के युग और आज के उजाले के युग दोनों को देखा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 6 बजे पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। उन्होंने खुद सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी। यह संवाद बीजेपी के चुनाव प्रचार को और मजबूत बनाने का एक प्रयास माना जा रहा है।
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Bihar Election: तेजस्वी यादव के ऐलान का जवाब
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार चुनाव से पहले चार बड़े ऐलान किए। इन ऐलानों के बाद बीजेपी-जदयू ने उन पर निशाना साधा।
दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने तेजस्वी को नसीहत दी कि वे बिहार का मजाक उड़ाना बंद करें। त्रिवेदी ने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार आने के बाद राज्य में महिला सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चल रही हैं। उन्होंने बताया कि हर घर शौचालय, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुद्रा योजना, लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी योजनाएं सरकार की 10 साल की सोच का प्रमाण हैं।

नीतीश का महागठबंधन पर निशाना
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को सारण जिले के मांझी और मकेर में NDA उम्मीदवारों के समर्थन में सभाएं की। उन्होंने जनता से JDU प्रत्याशी रणधीर सिंह (मांझी) और मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल (एकमा) को जिताने की अपील की।
नीतीश कुमार ने अपने 10 मिनट के भाषण में लोगों को बिहार के पुराने हालात याद दिलाए और कहा:
“जब 2005 में हम लोगों की सरकार बनी, तब से हम विकास के काम में लगे हुए हैं। पहले के हालात बहुत बुरे थे। लोग शाम के बाद घर से नहीं निकलते थे। पहले वालों ने कोई काम नहीं किया है। उन्हें वोट मत दीजिएगा। हमारी सरकार में विकास लगातार होता रहेगा।”
उनका यह बयान महागठबंधन पर सीधे निशाना था, जिसमें उन्होंने उन्हें जंगलराज की याद दिलाई।

महागठबंधन और सीट टकराव का समाधान
महागठबंधन ने जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद टकराव को खत्म करना शुरू किया। विधानसभा के तीन सीटों पर टकराव समाप्त करते हुए उम्मीदवारों ने नामांकन वापस लिया।
- कांग्रेस के उम्मीदवार ने प्राणपुर और वारसलीगंज से नामांकन वापस लिया।
- VIP के उम्मीदवार ने मधुबनी जिले के बाबूबरही से नामांकन वापस लिया।
इन तीनों जगहों पर RJD के उम्मीदवारों से मुकाबला था। यह कदम महागठबंधन के भीतर एकता बनाए रखने और चुनावी रणनीति को मजबूत करने का प्रयास माना जा रहा है।
शिवानी शुक्ला को जान से मारने की धमकी
Bihar Election: चुनावी माहौल में सुरक्षा की चुनौती भी सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं को जान से मारने की धमकी मिल रही है। इनमें शिवानी शुक्ला का नाम भी शामिल है।
