डिप्टी CM पर हमला, सीवान में बुर्के को लेकर विवाद

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले फेज की वोटिंग खत्म हो चुकी है। राज्य की 121 सीटों पर 64.46% मतदान हुआ। चुनाव आयोग के मुताबिक इस बार महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। हालांकि, 400 से ज्यादा बूथों की रिपोर्ट अभी बाकी है। पहले चरण के साथ ही 18 जिलों में 1314 उम्मीदवारों की किस्मत EVM में कैद हो गई। इनमें से 104 सीटों पर सीधा मुकाबला, जबकि 17 सीटों पर त्रिकोणीय जंग देखने को मिली।
राज्य की 243 सीटों पर दो चरणों में चुनाव हो रहे हैं, और 14 नवंबर को नतीजे घोषित होंगे।
पहले फेज में 2 डिप्टी CM और 18 मंत्रियों की साख दांव पर
इस चरण में कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है। तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव, सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और अनंत सिंह जैसे बड़े नाम मैदान में हैं। इनमें से कई सीटें हॉट सीट्स मानी जा रही हैं, जहां मुकाबला बेहद कांटे का रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतदान के बाद X (ट्विटर) पर पोस्ट किया
“पहले फेज की वोटिंग में NDA ने भारी बढ़त हासिल कर ली है। जनता का उत्साह बताता है कि दूसरा फेज भी हमारे पक्ष में रहेगा।”
उन्होंने आगे बताया कि वे कल औरंगाबाद और भभुआ में जनसंवाद करेंगे।
पहले फेज के 12 बड़े घटनाक्रम हिंसा, हंगामा और धमकियां
चुनाव के पहले चरण में कई जिलों से हिंसा और विवाद की खबरें भी आईं।
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लखीसराय: डिप्टी CM की गाड़ी पर हमला हुआ। मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
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पटना (मनेर): RJD उम्मीदवार भाई वीरेंद्र ने ID चेक करने पर दरोगा को धमकाया “यहीं आग लगा देंगे।”
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वैशाली: RJD प्रत्याशी रविंद कुमार सिंह के भड़काने पर लोगों ने CAPF जवानों पर पत्थर फेंके।
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दरभंगा: सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र में पोलिंग एजेंट को धमकी दी गई, पुलिस पहुंची तो पथराव हुआ।
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सारण: CPI प्रत्याशी सत्येंद्र कुमार की गाड़ी पर ईंट-पत्थर और लाठी से हमले।
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लखीसराय: बूथ कैप्चरिंग की सूचना पर SP ने गांव में फ्लैग मार्च किया।
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वैशाली: लालगंज में वोट चोरी के नारे लगे, कुछ समय के लिए मतदान रुका।
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पटना साहिब: विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव से मतदान कर्मियों की बहस हुई।
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सीवान, दरभंगा, मुजफ्फरपुर: आठ बूथों पर मतदान का बहिष्कार, सड़कों और श्मशान की मांग को लेकर विरोध।
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नालंदा: बिहारशरीफ में चार बीजेपी कार्यकर्ता बूथ के पास पर्ची बांटते पकड़े गए, पुलिस ने हिरासत में लिया।
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मुंगेर: नक्सल प्रभावित भीमबंद गांव में 20 साल बाद पहली बार मतदान हुआ।
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सीवान: बुर्का पहनकर बूथ जाने को लेकर बवाल, कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण रहा।
महिलाओं की बढ़ी भागीदारी, मतदान में दिखा उत्साह
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद गुंज्याल ने बताया कि इस बार महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक रही। उन्होंने कहा कि पहले फेज में शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती कड़ी रखी गई थी, हालांकि कुछ जगहों पर अप्रिय घटनाएं सामने आईं।

राजनीतिक समीकरण और जनता का मूड
पहले चरण में ग्रामीण इलाकों में खासा उत्साह देखने को मिला। कई जगह महिलाओं की लंबी कतारें दिखीं, बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं ने भी पूरे जोश से वोट डाला। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पहले चरण के मतदान रुझान से यह तय करना आसान नहीं कि NDA या RJD का पलड़ा भारी है, लेकिन 64.46% वोटिंग बताती है कि जनता इस बार बदलाव और विकास को लेकर गंभीर है।
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