बिहार चुनाव में नई हलचल: NDA में नीतीश के नाम पर सस्पेंस
bihar assembly election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग में अब सिर्फ 19 दिन बाकी हैं, लेकिन सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। एक तरफ जहां NDA में मुख्यमंत्री पद को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, वहीं RJD ने अपने 52 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर चुनावी रेस को तेज कर दिया है।

bihar assembly election 2025: NDA में चुप्पी, चिराग बोले- चुनाव के बाद होगा फैसला
एनडीए में सीट बंटवारा तय हो चुका है और सभी दलों ने अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतार दिए हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है—मुख्यमंत्री कौन होगा? गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में बयान दिया कि नीतीश कुमार पर बीजेपी और जनता दोनों को भरोसा है, लेकिन फैसला चुनाव बाद विधायक दल लेगा।
इसी लाइन पर चलते हुए चिराग पासवान ने भी साफ कहा, “हमारा गठबंधन पांच दलों का है, और सीएम का निर्णय चुनाव बाद होगा।” साफ है कि NDA में अभी भी अंदरखाने बहुत कुछ पक रहा है।
महागठबंधन में सीट बंटवारे की घोषणा अधूरी, RJD ने बढ़ाया कदम
महागठबंधन में अब तक सीट शेयरिंग का औपचारिक एलान नहीं हुआ है, लेकिन कांग्रेस 53 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है। RJD ने रविवार को पहली आधिकारिक सूची जारी कर दी, जिसमें 52 उम्मीदवारों के नाम हैं।
Read More :-30 की उम्र के बाद जो सच सामने आता है: वो कोई नहीं बताता, पढ़िए दिल छू लेने वाली कहानी
राघोपुर से तेजस्वी यादव मैदान में हैं, जहां उनकी मुकाबला बीजेपी के सतीश यादव से होगा जो 2010 में राबड़ी देवी को मात दे चुके हैं। लिस्ट में 22 यादव, 3 मुस्लिम, और भूमिहार-ब्राह्मण समुदाय के 3 उम्मीदवार शामिल हैं।
नामांकन वापसी की आखिरी तारीख नजदीक
पटना जिले में 53 नामांकन रद्द हो चुके हैं। कुछ बड़े नाम जैसे लोजपा (आर) के प्रिंस राज और पूर्व विधायक रामजन्म शर्मा का नामांकन रद्द हुआ। वहीं राज्य भर में बागी उम्मीदवारों की भरमार है—जमालपुर, सिमरी बख्तियारपुर, सासाराम, बछवाड़ा, महनार, महुआ, पालीगंज, दीघा जैसी दर्जनों सीटों पर एनडीए और महागठबंधन दोनों को अंदरूनी घाव झेलने पड़ रहे हैं।

संपत्ति के खुलासे से भी गर्म हुआ माहौल
पूर्व डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद की चल संपत्ति पांच साल में तीन गुना हो गई है। उधर, जदयू प्रत्याशी श्वेता गुप्ता की संपत्ति ₹17.45 करोड़ से अधिक पाई गई है। इन खुलासों ने चुनावी बहस को और तीखा बना दिया है।
नतीजों से पहले ही लड़ाई दिलचस्प मोड़ पर
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सिर्फ गठबंधन और नीतियां नहीं, बल्कि चेहरों और भरोसे की भी परीक्षा हो रही है। एक ओर NDA है, जहां नीतीश का चेहरा सामने नहीं आ रहा, वहीं दूसरी तरफ RJD मैदान में उतर चुका है। सवाल बड़ा है—बिहार किसे चुनेगा?
Read More:- बस एक गलती…और पूरी ज़िंदगी पछताना पड़ा, जानिए क्यों रिश्तों को समझना सबसे ज़रूरी है
