Bihar Assembly election counting 2025 : बिहार विधानसभा की 243 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। शुरुआती रुझान में NDA को बहुमत मिलता दिख रहा है। NDA 135 सीटों पर और महागठबंधन 65 सीटों पर आगे चल रही है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच रुझान
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान 205 सीटों के रुझान में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 135 सीटों पर बढ़त बना ली है, जबकि महागठबंधन 65 सीटों पर आगे चल रहा है। यह परिणाम बिहार की चुनावी राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ कहा जा सकता है, जिसमें एनडीए की मजबूत पकड़ दिख रही है। एनडीए के नेतृत्व में भाजपा और जदयू ने इस बार भी अच्छा प्रदर्शन किया है, जबकि महागठबंधन के लिए मुकाबला अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
राघोपुर से तेजस्वी यादव की मजबूत बढ़त
राघोपुर सीट के रुझानों के मुताबिक, राजद के प्रमुख नेता तेजस्वी यादव इस सीट से आगे चल रहे हैं। राघोपुर उनके लिए हमेशा से राजनीतिक महत्व की सीट रही है, जहां उन्होंने जनता का अच्छा समर्थन प्राप्त किया है। तेजस्वी की बढ़त ने महागठबंधन के भीतर उत्साह का संचार किया है, जबकि उनकी व्यक्तिगत पहुंच और क्षेत्रीय समर्थन ने चुनावी स्थिति को दिलचस्प बना दिया है। यह सीट राजद के लिए जीत की उम्मीद बनी हुई है।
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महुआ सीट पर तेजप्रताप यादव के रूझान
महुआ विधानसभा सीट पर तेजप्रताप यादव आगे चल रहे हैं, जो राजद से अलग होकर जनशक्ति जनता दल के नाम से चुनाव लड़ रहे हैं। उनकी यह लड़ाई बिहार की राजनीति में गठबंधन से ऊपर असंतोष और व्यक्तिगत संघर्ष को दर्शाती है। तेजप्रताप द्वारा स्थानीय मुद्दों को लेकर की गई राजनीतिक सक्रियता ने इस सीट को भी चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण बना दिया है।
जनसुराज पार्टी की 2 सीटों पर बढ़त
प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी (JSP) को भी शुरुआत में दो सीटों पर बढ़त मिली है। यह पार्टी बिहार में नई राजनीतिक ताकत के रूप में उभर रही है, और इनके लिए इन शुरुआती रुझानों ने उम्मीदें बढ़ा दी हैं। जनसुराज पार्टी ने करगहर, चनपटिया और कुम्हरार क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन किया है, जो आगामी राजनीतिक मंच के लिए महत्वपूर्ण संकेत हैं।
NDA और महागठबंधन की सीटों का हाल
एग्जिट पोल और रुझानों के प्रस्तावों के अनुसार, एनडीए को 135 से 150 सीटों तक मिलने की संभावना जताई जा रही है, वहीं महागठबंधन के लिए 65 से 102 सीटों की रेंज माना जा रहा है। एनडीए का यह मजबूत पकड़ आगे भी बनी रहने की संभावना है, जबकि महागठबंधन के लिए सीटें हासिल करना चुनौतीपूर्ण रहेगा। हालांकि राजनीतिक स्थिरता के लिहाज से दोनों ही गठबंधन महत्वपूर्ण भूमिका में हैं।
यह रुझान बिहार की आगामी राजनीतिक दिशा को समझने में महत्वपूर्ण हैं, और आगामी चुनाव परिणामों से राज्य की सरकार के गठन का स्पष्ट चित्र सामने आएगा। तेजस्वी यादव व तेजप्रताप यादव जैसे प्रमुख नेता अपने-अपने क्षेत्र में बढ़त बनाए हुए हैं, वहीं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के मजबूत प्रदर्शन से राज्य की सत्ता में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
