
CM नीतीश की एंट्री
बजट सत्र में नारेबाजी तेज होती जा रही थी। विपक्षी सदस्य वेल में चले गए, और आसन के सामने शोर हो रहा था, विपक्षी सदस्यों के हाथों में तख्तियां थी पूरा सदन सरकार के खिलाफ नारे गूंज रहा था। इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की एंट्री हो गई।
विपक्ष पर भड़के CM
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जैसे ही सदन में पहुंचे तो वेल में हंगामा देखकर उनका पारा चढ़ गया। वे अपनी सीट से खड़े हुए और बोलना शुरू किया। उनकी आवाज तेज थी, और शब्द तीखे थे। उन्होंने कहा कि विपक्ष को काम से मतलब नहीं, सिर्फ हल्ला करना आता है। CM नीतीश को देखकर सदन में मौजूद सभी समझ गए कि मामला अब सामान्य बहस से आगे निकल चुका है।

CM Nitish Mic Off: ‘ई जो लड़की है’
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष की महिला सदस्यों की ओर इशारा करते हुए कहा,
यह 3 महिलाएं बस हल्ला कर रही है। यह क्या जानती है?
फिर राबड़ी देवी की ओर इशारा करते हुए कहा,
ई जो लड़की है, यह क्या जानती है? इसका जब (लालू यादव) हट गए तब इसको (राबड़ी देवी) बना (CM) दिया। ई सब पर एक्शन लेना चाहिए। ई सबको कुछो आता है?
CM नीतीश का माइक हुआ बंद
CM नीतीश कुमार के ऐसे बोलते ही विपक्ष भड़क उठा। RJD के सदस्य इसे महिला अपमान से जोड़कर देखने लगे। सदन में हंगामा हो गया। सत्ता और विपक्ष आमने सामने आ गए।
इस दौरान JDU विधान पार्षद संजय गांधी अचानक अपनी सीट से उठे और CM के करीब जाकर खड़े हो गए। उन्होंने कुछ इशारा किया और फिर वापस अपनी सीट पर चले गए। इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बोल रहे थे और उनका माइक बंद हो गया।
माइक बंद होने के बाद भी मुख्यमंत्री लगातार बोलते रहे। सवाल उठने लगे कि किसके इशारे पर माइक बंद हुआ। यह इसलिए भी हैरान करने वाला था क्योंकि संसदीय परंपरा में सदन नेता की माइक बंद करना लगभग अकल्पनीय माना जाता है।
RJD ने लगाए आरोप
CM Nitish Mic Off: RJD MLC ने दावा किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब बोल रहे थे, तब साजिश के तहत उनके माइक को बंद कर दिया गया।
दूसरी ओर सत्ता पक्ष ने इसे तकनीकी गड़बड़ी बताया। कहा गया कि तेज शोर और हंगामे के बीच सिस्टम में दिक्कत हुई। विपक्ष इसे लोकतंत्र पर हमला बता रहा है, सत्ता पक्ष इसे संयोग। इस एक पल ने बिहार की राजनीति को एक नया और तीखा मोड़ दे दिया है।
