तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा की अनुशंसा से मिली थी नौकरी
Saurabh Sharma: खबर ग्वालियर से है जहां सौरभ शर्मा मामले में लगातार एक के बाद एक नए खुलासे सामने आ रहे हैं। ताजा जानकारी में यह सामने आया है कि 2016 में सौरभ शर्मा को अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने के पीछे तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा की अनुशंसा थी। आरटीआई एक्टिविस्ट संकेत साहू द्वारा जारी किए गए दस्तावेजों के अनुसार नरोत्तम मिश्रा ने एक पत्र लिखकर सौरभ शर्मा की नियुक्ति की सिफारिश की थी।
आरटीआई से हुआ खुलासा

Saurabh Sharma: संकेत साहू ने आरटीआई के जरिए यह जानकारी सार्वजनिक की है कि 12 अप्रैल 2016 को नरोत्तम मिश्रा ने अपने आधिकारिक लेटरहेड पर एक पत्र लिखा था। इसमें सिफारिश की गई थी कि सौरभ शर्मा जो स्वर्गीय डॉ. राकेश शर्मा के पुत्र हैं उन्हें अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। डॉ. राकेश शर्मा डीआरपी लाइन अस्पताल में पदस्थ थे और 20 नवंबर 2015 को सेवा के दौरान उनका निधन हो गया था।
Saurabh Sharma: पत्र में अनुरोध किया गया था कि सौरभ शर्मा को ग्वालियर जिले में तृतीय श्रेणी के किसी भी पद पर या संगणक के रिक्त पद पर उनकी योग्यता के अनुसार नियुक्त किया जाए।
दतिया में हुई पहली पोस्टिंग
Saurabh Sharma: सूत्रों के अनुसार सौरभ शर्मा की पहली नियुक्ति नरोत्तम मिश्रा के विधानसभा क्षेत्र दतिया के सिकंदरा और चिरौला चेक पोस्ट पर की गई थी। इन चेक पोस्टों पर अवैध वसूली के कई मामले पहले से ही चर्चा में थे।
Saurabh Sharma: आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार सौरभ शर्मा के पिता की मृत्यु के बाद स्वास्थ्य विभाग में नियुक्ति का प्रयास किया गया था लेकिन उस समय किसी पद के खाली न होने की जानकारी तत्कालीन सीएमएचओ ने दी थी। इसके बाद नरोत्तम मिश्रा ने परिवहन विभाग को अनुशंसा पत्र भेजा जिसके परिणामस्वरूप सौरभ शर्मा को नियुक्ति दी गई।
नियुक्ति पत्र भी हुआ था सार्वजनिक
Saurabh Sharma: इससे पहले गुरुवार को सौरभ शर्मा का नियुक्ति पत्र सार्वजनिक हुआ था। यह पत्र परिवहन आयुक्त शैलेन्द्र श्रीवास्तव द्वारा 29 अक्टूबर 2016 को जारी किया गया था जिसमें दो वर्ष के लिए अस्थायी रूप से अनुकंपा नियुक्ति की बात लिखी गई थी।
Saurabh Sharma: इस मामले को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट संकेत साहू ने लोकायुक्त से शिकायत दर्ज कराई है। मामले की जांच और भी नए खुलासे ला सकती है।
