भूपेश बघेल ने बिलासपुर के लिंगियाडीह में चल रहे बस्ती बचाओ आंदोलन का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बस्ती को उजाड़कर जिस गार्डन का निर्माण किया जा रहा है, उसमें क्या मुख्यमंत्री अपनी पत्नी के साथ घूमने आएंगे?
लिंगियाडीह में 37 दिन से जारी आंदोलन
स्थानीय लोग पिछले 37 दिन से बस्ती को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भूपेश बघेल ने कहा कि लोगों के घरों को तोड़कर गार्डन बनाना सही नहीं है। उन्होंने लिंगियाडीहवासियों से अपील की कि वे डटे रहें, कोई उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा।
साव और अमर पर निशाना
भूपेश बघेल ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव की तुलना बंदर से की और कहा कि वे दो साल में केवल 950 मीटर सड़क ही बनवा पाए और किसी भी मामले में कोई काम नहीं कर पा रहे। वहीं, विधायक अमर अग्रवाल पर निशाना साधते हुए उन्हें संतरी बताया। उन्होंने कहा कि विधायक अब घर से निकलना बंद कर चुके हैं और उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया, अब तो कुर्सी तक नहीं मिलती।
कथावाचकों पर भी कटाक्ष
पूर्व मुख्यमंत्री ने कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री और प्रदीप मिश्रा पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि दोनों चंदा लेना बंद कर दें और फिर प्रवचन करें। बघेल ने कहा कि भाजपा सरकार कथावाचकों को पलकों पर बिठाए, झूला झुलाए, लेकिन सरकार के पैसे का दुरुपयोग कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ के साधु-संत धर्म और अध्यात्म में काफी दखल रखते हैं, उन्हें शास्त्रार्थ कर लेना चाहिए। भूपेश बघेल के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। उनके आक्रामक शब्दों ने बिलासपुर की राजनीति और लिंगियाडीह आंदोलन दोनों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
