Bhupesh Baghel criticism on government :भूपेश बघेल का हमला-अपराधों के बीच गृहमंत्री की व्यस्तता पर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रदेश में लगातार हत्या, चाकूबाजी और मारपीट जैसे घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। लोगों में भय का वातावरण है और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती जा रही है। ऐसे समय में गृह विभाग की जिम्मेदारी संभालने वाले मंत्री का फिल्म देखने जाना सवालों के घेरे में है।
बघेल ने कहा कि जिस संवेदनशील समय में जनता गृहमंत्री से ठोस कार्रवाई और सुरक्षा की अपेक्षा कर रही है, उसी दौरान उनके इस तरह के व्यवहार से यह प्रतीत होता है कि सरकार आमजन की सुरक्षा को गंभीरता से नहीं ले रही। उन्होंने कहा कि यह लापरवाही प्रदेश की जनता के साथ अन्याय है और इस स्थिति को तत्काल सुधारना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि आखिर जनता की सुरक्षा का जिम्मा किसके पास है, जब अपराधी खुलेआम घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद अपराधियों के हौंसले इतने बुलंद हो गए हैं कि प्रदेश में आए दिन घटनाएं घट रही हैं।
विपक्ष का हल्लाबोल और कानून व्यवस्था पर बढ़ते सवाल
भूपेश बघेल के इस बयान को कांग्रेस ने एक बड़ा मुद्दा बना लिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि गृहमंत्री अपने दायित्वों को गंभीरता से नहीं निभा रहे हैं और जनता की सुरक्षा के बजाय मनोरंजन को प्राथमिकता दे रहे हैं तो यह प्रदेश की जनता के साथ धोखा है। उनका कहना है कि अपराधियों को खुली छूट का ही परिणाम है कि लगातार हत्याएं और चाकूबाजी की घटनाएं सामने आ रही हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि हाल ही में हुई कई आपराधिक वारदातों ने सरकार की छवि को प्रभावित किया है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से चोरी, लूट, हत्या और महिला अपराधों की खबरें सामने आई हैं। इस स्थिति ने विपक्ष को हमला करने का अवसर दिया है।
भूपेश बघेल का यह भी कहना है कि गृहमंत्री का आचरण सरकार की प्राथमिकताओं को उजागर करता है, जहां आम आदमी की सुरक्षा से ज्यादा व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस लापरवाह रवैये को समझें और सरकार से जवाब मांगें।
राजनीतिक विमर्श में यह बयान काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि विधानसभा में विपक्ष पहले से ही कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। अब भूपेश बघेल के इस हमले ने बहस को और तेज कर दिया है।
