man sold in Myanmar: अच्छे पैकेज वाली नौकरी, और विदेश में शानदार लाइफस्टाइल.. ऐसा झांसा देकर भोपाल के जितेंद्र अहिरवार म्यांमार में बेच दिया। नौकरी का लालच देकर युवाओं को साइबर ठगी के धंधे में धकेलने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भोपाल की साइबर पुलिस ने पर्दाफाश किया है।
नौकरी का झांसा
पुलिस ने बिहार के जमुई और उत्तर प्रदेश के मेरठ से 2 मुख्य एजेंटों को गिरफ्तार किया है। जिन्होंने भोपाल निवासी जितेंद्र अहिरवार को थाईलैंड में डाटा एंट्री की नौकरी का झांसा दिया गया था। टेलीग्राम एप पर इंटरव्यू कर भरोसा दिलाया और टिकट भेजकर थाईलैंड भी बुला लिया गया। वहां पहुंचते ही टैक्सी से थाईलैंड-म्यांमार सीमा तक ले गए। फिर गुपचुप तरीके से नदी पार कर म्यांमार पहुंचा दिया गया।

मारपीट और शारीरिक शोषण
म्यांमार में जितेंद्र अहिरवार साइबर ठगी करने वाले गैंग को बेच दिया गया। वहां उसे बंधक बनाकर रखा, मारपीट की और जबरन ऑनलाइन ठगी का काम कराया जाने लगा। विरोध करने पर उसके साथ शारीरिक शोषण भी किया जाता था।
man sold in Myanmar: सेना ने किया रेस्क्यू
गनीमत रही कि कुछ समय बाद म्यांमार की सेना के एक अभियान के दौरान जितेंद्र अहिरवार का रेस्क्यू किया गया और थाईलैंड के रास्ते भारत डिपोर्ट किया। भारत लौटकर जितेंद्र ने विगत 6 दिसंबर को भोपाल के राज्य साइबर थाने में अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
2 आरोपी गिरफ्तार
इसके बाद अलीगंज जिला जमुई, बिहार निवासी 30 वर्षीय मो. फैज अकरम को गिरफ्तार किया। वहीं दूसरे आरोपित मेरठ, UP निवासी 30 वर्षीय मोहित अग्रवाल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करवाया गया, जिसके आधार पर उसे दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके पास से मोबाइल, टैबलेट और स्कैम कंपनी के ID कार्ड जब्त किए हैं। साइबर पुलिस मुख्यालय भोपाल के SP प्रणय नागवंशी ने बताया कि इन दोनों ने जितेंद्र के एक परिचित को झांसे में लेकर जितेंद्र को फंसाया था।
