Bhopal Shikara Service: Dal Lake Style Ride at Upper Lake: भोपाल की शामें वैसे ही अपनी ख़ामोशी और खूबसूरती के लिए मशहूर हैं, लेकिन इस बार अपर लेक का नज़ारा कुछ अलग था। झील के किनारे खड़े रंग-बिरंगे शिकारे मानो शहर को एक नई पहचान देने आए हों। शनिवार दोपहर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन अनोखी नावों को हरी झंडी दिखाते ही तालाब के पानी में हलचल सी मच गई—और भोपाल के जल पर्यटन का एक नया अध्याय शुरू हो गया।
डल झील की झलक अब राजधानी के तालाब में
अक्सर लोग कश्मीर घूमकर ही शिकारा सवारी का रोमांच महसूस कर पाते थे। लेकिन अब वह अनुभव भोपाल में ही मिल सकेगा। अपर लेक बोट क्लब में शुरू की गई यह सेवा बिल्कुल डल झील की तर्ज़ पर तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि क्रूज़ बोट बंद होने के बाद शहरवासी एक नए आकर्षण की प्रतीक्षा कर रहे थे, और शिकारे उसी खालीपन को भरेंगे।
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पर्यटन को नई दिशा देने की कोशिश
मध्य प्रदेश पर्यटन निगम ने कुल 20 शिकारे तैयार कराए हैं। खास बात यह है कि प्रदेश में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में शिकारे एक साथ किसी झील पर चलने वाले हैं।
इससे न सिर्फ स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि झीलों के शहर भोपाल को अंतरराष्ट्रीय जल पर्यटन नक्शे पर भी जगह मिलने की उम्मीद है।
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पर्यावरण-अनुकूल डिज़ाइन
इन शिकारों को आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है फाइबर रिइनफोर्स्ड पॉलीयूरिथेन, नॉन-रिएक्टिव कंपोज़िट मटेरियल, जो पानी को दूषित नहीं करते और लंबे समय तक टिकाऊ रहते हैं। यानी पर्यटकों को मज़ा भी मिलेगा और तालाब की सेहत भी सुरक्षित रहेगी।
कश्मीर से लेकर असम-केरल तक… अब भोपाल
Bhopal Shikara Service: Dal Lake Style Ride at Upper Lake: इन शिकारों को Kolkata Water Sports नाम की कंपनी ने तैयार किया है, जो देशभर में अपनी बोट सेवाओं के लिए जानी जाती है। इसी कंपनी की नावें असम, बंगाल और केरल में पहले से चल रही हैं और पर्यटक वहां के अनुभवों की खूब तारीफ़ करते हैं। भोपाल में इनके आने से इस झील का आकर्षण निश्चित रूप से और बढ़ने वाला है।
