Bhopal news: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आने के बाद शिया समुदाय के बीच शोक की लहर दौड़ गई. शहर के करोंद स्थित शिया मस्जिद में जोहर की नमाज के बाद एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया.
अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने अमेरिका मुर्दाबाद,इजराइल मुर्दाबाद,खामेनेई जिंदाबाद,अल्लाह हू अकबर और या हुसैन के नारे लगाए.

इमाम बाकर हुसैन बोले, ‘मजलूमों की आवाज थे खामेनेई’
सभा का संबोधन करते हुए इमाम बाकर हुसैन ने कहा कि पूरी दुनिया उस शख्सियत को जानती है, जिसने हमेशा जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद की और मजलूमों का साथ दिया. उन्होंने यह भी कहा कि खामेनेई ने अपने जीवन में अत्याचार का विरोध करते हुए इस्लामी इंकलाब के सिद्धांतों को हमेशा आगे बढाया.
इमाम हुसैन की शहादत पर प्रकाश डालते हुए इमाम ने कहा कि किसी भी विचारधारा को किसी एक व्यक्ति के जाने से ख़त्म नहीं किया जा सकता. आगे वे बोले कि इंकलाब की राह जारी रहेगी और उसे आगे बढ़ाने वाले लोग मौजूद रहेंगे. “खामेनेई की शहादत से उम्मत-ए-मुसलमान खुद को यतीम महसूस कर रही है,लेकिन शहादत किसी विचारधारा को कमजोर नहीं करती,बल्कि उसे और मजबूत बनाती है,” इमाम बोले.
सभा के अंत में उन्होंने ताजियत पेश की और लोगों से सब्र और एकजुटता बनाए रखने की अपील की.
‘’फिरके के आधार पर नहीं किया भेदभाव’’: मस्जिद मोहम्मदी
मस्जिद मोहम्मदी के इमाम जुमा सैयद अजहर हुसैन रिजवी ने इमाम बाकर के बाद सभा को संबोधित करते हुए खामेनेई को उम्मत का निडर रहबर बताया. उन्होंने कहा कि वे हमेशा जालिम के खिलाफ और मजलूम के समर्थन में खड़े रहे.
उन्होंने यह भी कहा कि खामेनेई ने कभी फिरके या मिल्लत के आधार पर भेदभाव नहीं किया,बल्कि जहां भी अत्याचार हुआ,उसके खिलाफ आवाज उठाई.
