Bhopal Municipal Corporation Scam: भोपाल में लोकायुक्त की टीम ने भोपाल नगर निगम के दफ्तर में छापेमारी की। इसमें करोड़ों रुपए के फर्जी ई-बिल घोटाले का खुलासा हुआ है। लोकायुक्त टीम ने भोपाल नगर निगम के दोनों कार्यालयों में एक साथ छापेमारी की और कार्यालय से कंप्यूटर और कई फाइलें जब्त की थी। लोकायुक्त टीम ने आर्थिक अनियमितताओं और फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपए के घोटाले की शिकायत के बाद ये छापा मारा।
सेवतकर को हटाया
इस कार्रवाई के बाद भोपाल नगर निगम की वित्त एवं लेखा शाखा में अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर को कमिश्नर संस्कृति जैन ने हटा दिया। लोकायुक्त ने उन पर FIR दर्ज की थी। उनकी जगह अपर आयुक्त मुकेश शर्मा को प्रभार सौंपा गया। कुछ दिनों में नगर निगम का बजट पेश होने वाला है। जिसे बनाने का जिम्मा गुणवंत सेवतकर के पास ही था।

Bhopal Municipal Corporation Scam: दस्तावेज हुए जब्त
टीम ने निगम के डाटा सेंटर समेत कई शाखाओं में छापेमारी कर पिछले करीब 10 साल के दस्तावेज और सर्वर डाटा जब्त कर लिया था। इस मामले में सेवतकर समेत कई पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था। FIR के बाद शनिवार को कमिश्नर जैन ने सेवतकर को हटाने की कार्रवाई की।
लोकायुक्त को मिली थी शिकायत
बता दे कि निगम में फर्जी भुगतान की शिकायत नवंबर 2025 में लोकायुक्त को मिली थी। प्रारंभिक जांच में सबूत सही पाए जाने पर 9 मार्च को आयुक्त गुणवंत सेवतकर के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी की धाराओं में FIR दर्ज की गई है। इसके बाद कोर्ट से सर्च वारंट लेकर छापा मारा गया। आरोप है कि निगम के जलकार्य, सामान्य प्रशासन और केंद्रीय वर्कशॉप जैसे विभागों के नाम पर वाहनों की मरम्मत, पेंटिंग और अन्य काम दिखाए गए। कई मामलों में काम हुआ ही नहीं, लेकिन सिस्टम में ई-बिल तैयार कर दिए गए। कुछ मामलों में जिस विभाग के नाम से बिल बनाए गए, उन्हें ही जानकारी ही नहीं थी।
