bhopal holi market: रंगों के त्योहार होली से पहले भोपाल की सड़कों और बाजारों में अलग ही रौनक दिख रही है। पुराने शहर की गलियों से लेकर नए उपनगरों तक पिचकारी, रंग-गुलाल और मुखौटों की दुकानों पर भीड़ बढ़ती जा रही है। दुकानदारों का कहना है कि इस बार खरीदारी का रुख साफ तौर पर स्वदेशी उत्पादों की ओर है, और यही स्थानीय बाजार को नई रफ्तार दे रहा है।
bhopal holi market: पांच करोड़ से ज्यादा का कारोबार
व्यापारिक संगठनों के अनुमान के मुताबिक इस साल भोपाल में होली से जुड़ा कारोबार पांच करोड़ रुपये के पार जा सकता है। जैसे-जैसे त्योहार नजदीक आ रहा है, बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ रही है। रंग, गुलाल और पिचकारियों से सजा शहर यह संकेत दे रहा है कि इस बार होली सिर्फ जश्न नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी खुशखबरी लेकर आई है।
bhopal holi market: चाइना माल लगभग गायब, मेड इन इंडिया की धूम
व्यापारियों का कहना है कि इस बार बाजार में चीन निर्मित पिचकारियां न के बराबर हैं। दिल्ली और मुंबई में बनी पिचकारियां ही ज्यादातर दुकानों पर दिख रही हैं। Confederation of All India Traders (कैट) से जुड़े स्थानीय व्यापारियों के मुताबिक स्वदेशी उत्पादों की बढ़ती मांग से घरेलू उद्योगों को सीधा फायदा मिल रहा है। पहले कीमत के चलते चीनी सामान बिक जाता था, लेकिन अब ग्राहक मजबूती और डिजाइन देखकर भारतीय उत्पाद चुन रहे हैं।
इको-फ्रेंडली गुलाल की बढ़ी डिमांड
इस बार केमिकल रंगों से दूरी बनाते हुए लोग प्राकृतिक और फूलों से बने गुलाल पसंद कर रहे हैं। फूलों वाला गुलाल 200 रुपये किलो से शुरू हो रहा है, जबकि अरारोट गुलाल 90 से 120 रुपये किलो तक बिक रहा है। कई परिवार पानी की बजाय सूखे गुलाल से होली खेलने की तैयारी में हैं, यही वजह है कि इको-फ्रेंडली उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ी है।
अस्थायी दुकानों से रोजगार को सहारा
होली से चार-पांच दिन पहले शहर में हजारों अस्थायी दुकानें लग जाती हैं। इससे छोटे व्यापारियों, ठेला संचालकों और मजदूरों को अतिरिक्त आमदनी का मौका मिलता है। बाजार की यह चहल-पहल सीधे तौर पर स्थानीय रोजगार से जुड़ती दिख रही है।
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फिल्मी थीम और आधुनिक डिजाइन का क्रेज
बच्चों और युवाओं में इस बार फिल्मी थीम वाली पिचकारियों का खास क्रेज है। Pushpa से प्रेरित कुल्हाड़ी डिजाइन और Gadar 2 थीम के मॉडल तेजी से बिक रहे हैं। चुनावी माहौल का असर भी बाजार में दिख रहा है। Narendra Modi, Rahul Gandhi और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुखौटे भी दुकानों पर मौजूद हैं, जिनकी अच्छी मांग बताई जा रही है।
250 तरह की पिचकारियां, 8 से 1500 रुपये तक दाम
बाजार रंग-बिरंगी पिचकारियों से सजे हैं। व्यापारियों के मुताबिक करीब 250 तरह की पिचकारियां उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत 8 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक है। बड़े पंप, डबल टैंक और कार्टून थीम वाले मॉडल खास तौर पर पसंद किए जा रहे हैं.होली से पहले बाजारों में दिख रही यह रौनक साफ बता रही है कि इस बार रंगों के साथ-साथ कारोबार भी जमकर खेलेगा। अब निगाहें त्योहार के दिन तक बनी रहने वाली इसी खरीदारी की रफ्तार पर हैं।
